रीता बहुगुणा जोशी, राज बब्बर सहित 18 के खिलाफ मुकदमा वापस लेने की योगी सरकार की अर्जी खारिज, जानें पूरा मामला

Yogi Adityanath , Rita Bahuguna Joshi,raj babbar news : भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी और यूपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राज बब्बर सहित 18 लोगों के खिलाफ केस वापस लेने की याचिका सांसद-विधायक अदालत (एमपीएमएलए कोर्ट, MP-MLA) कोर्ट ने खारिज करने का काम किया है.

  • रीता बहुगुणा जोशी और राज बब्बर सहित 18 लोगों के खिलाफ केस वापस लेने की याचिका खारिज

  • धरना-प्रदर्शन के दौरान तोड़-फोड़ के साथ-साथ पुलिस बल पर हमला करने के आरोपी हैं

  • योगी सरकार ने इस मामले में केस वापस लेने की अर्जी दाखिल की थी

भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी और यूपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राज बब्बर सहित 18 लोगों के खिलाफ केस वापस लेने की याचिका सांसद-विधायक अदालत (एमपीएमएलए कोर्ट, MP-MLA) कोर्ट ने खारिज करने का काम किया है. ये सभी धरना-प्रदर्शन के दौरान तोड़-फोड़ के साथ-साथ पुलिस बल पर हमला करने के आरोपी है.

कोर्ट ने भाजपा की सांसद रीता बहुगुणा जोशी, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राज बब्‍बर समेत 18 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लेने की यूपी सरकार की अर्जी खारिज कर दी. सांसद-विधायक अदालत (एमपीएमएलए कोर्ट) के विशेष न्यायाधीश पीके राय ने धरना-प्रदर्शन के दौरान तोड-फोड़ व पुलिस बल पर हमला करने के मामले को वापस लेने की मांग वाली राज्य सरकार की अर्जी को खारिज कर दिया.

अपने आदेश में अदालत ने इस मामले को गंभीर करार देते हुए अभियुक्तों पर आरोप तय करने के लिए छह मार्च की तारीख मुकर्रर की है. इस मामले में भारतीय जनता पार्टी की सांसद रीता बहुगुणा जोशी, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्‍यक्ष राज बब्बर, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन, पूर्व मंत्री अजय राय, पूर्व सांसद निर्मल खत्री, पूर्व विधायक राजेश पति त्रिपाठी व कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रभारी मधुसुदन मिस्त्री समेत 18 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल है.

Also Read: UP Panchayat Chunav 2021 : पंचायत चुनाव के पहले शादी समारोह में पकी राजनीतिक खिचड़ी? ओवैसी ने मुलायम के भाई शिवपाल यादव से कही ये बात

शनिवार को विशेष अदालत में रीता बहुगुणा जोशी उपस्थित थीं. बीते छह फरवरी को विशेष अदालत ने इस अर्जी पर अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था.

उल्‍लेखनीय है कि 17 अगस्त, 2015 को इस मामले की प्राथमिकी उप निरीक्षक प्यारेलाल प्रजापति ने थाना हजरतगंज में दज कराई थी. प्रजापति की तहरीर के मुताबिक उस रोज कांग्रेस पार्टी का लक्ष्मण मेला स्थल पर धरना-प्रदर्शन था और करीब पांच हजार कार्यकर्ताओं के साथ अचानक यह सभी अभियुक्तगण धरना स्थल से विधान सभा का घेराव करने निकल पड़े और इन्हें समझाने व रोकने का प्रयास किया गया लेकिन नहीं माने. संकल्प वाटिका के पास पथराव करने लगे, जिससे भगदड़ मच गई.

इस हमले में प्रशासन व पुलिस के कई अधिकारी व पीएसी के कई जवान गंभीर रुप से घायल हो गए तथा अशोक मार्ग से आने व जाने वाले आम जनता को भी चोटें आई और कई गाडियों के शीशे टूट गए. 25 दिसंबर, 2015 को विवेचना के बाद पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं व क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धारा में भी आरोप पत्र दाखिल किया था. गौर हो कि तब रीता बहुगुणा जोशी कांग्रेस पार्टी में थीं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Published by: Prabhat Khabar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >