UP Election: उत्तर प्रदेश में 18वीं विधानसभा के लिए सात चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण के लिए वोटिंग 10 फरवरी को होगी. पहले चरण में पश्चिम यूपी के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान होगा. फिलहाल, पूरी राजनीति वेस्ट यूपी में आकर रुक गई है. सभी राजनीतिक दल फुल स्ट्रेंथ टीम के साथ इन सीटों पर अपने प्रत्याशियों के पक्ष में वोटिंग के लिए मतदाताओं को प्रेरित करने में जुट गए हैं. इसी क्रम में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहारनपुर पहुंचे.
अमित शाह ने डोर-टू-डोर मांगेे
गृहमंत्री अमित शाह मुजफरनगर से सड़क मार्ग से देवबंद पहुंचे. यहां आधा घंटा भाजपा प्रत्याशी ब्रजेश सिंह के समर्थन में मतदातदाओं से वोट मांगे और फिर सहारनपुर के लिए रवाना हो गए. इसके बाद सहारनपुर ग्राम कोटा के इन्द्रप्रस्थ कॉलेज के कार्यक्रम में मतदाताओं से सवांद किया.
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक
दरअसल, अमित शाह ने चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद वेस्ट यूपी के जितने भी दौरे किए हैं, इस दौरान वह पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर न सिर्फ सियासी समीकरण का जायजा लेते हैं, बल्कि चुनाव को लेकर रणनीति भी साझा करते हैं. यहां भी शाह शाम साढे पांच बजे दिल्ली रोड पर स्थित एक होटल के हॉल में पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे. इसके बाद शाह शारदा नगर में जनसंपर्क करेंगे और फिर करीब 6 बजे सरसावा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे. सहारपुर से भाजपा के उम्मीदवार पूर्व विधायक राजीव गुम्बर हैं.
किसानों और जाटों का विरोध बीजेपी के लिए बना मुसीबत
यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सबसे अधिक चिंता वेस्ट यूपी को लेकर सता रही है, क्योंकि यहां का किसान तीन कृषि कानूनों (अब वापस हो चुके हैं) के बाद गन्ने के दाम ना बढ़ाए जाने जैसे तमाम मुद्दों को लेकर बीजेपी से नाराज चल रहा है. बीजेपी ने किसानों की नाराजगी दूर करने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास करने शुरू कर दिए हैं. वहीं इन मुद्दों के सहारे सपा गठबंधन की साथी राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) को अपनी खोई जमीन वापस पाने का मौका मिल गया है.
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के बाद शाह ने संभाली कमान
बीते 17 जनवरी को केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने सिसौली (मुज़फ़्फ़रनगर) पहुंच किसानों की ओर बीजेपी की तरफ से पहला कदम बढ़ाया, तब से अब तक लगातार प्रयास जारी हैं. उन्होंने भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत से सिसौली में मुलाकात की, जिसका कुछ खास असर होता नहीं दिखा. इसके बाद 26 जनवरी के दिन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव मुजफ्फरनगर की खतौली और मीरापुर विधानसभाओं में चुनावी प्रचार करने पहुंचे.
वेस्ट यूपी में स्थितियों को अनुकूल बनाने के प्रयास
केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के बाद अब खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सहारनपुर और मुजफ्फरनगर की जिम्मेदारी संभाली है. जाट और अल्पसंख्यक बहुल मुजफ्फरनगर का दौरा बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा नेताओं को किसानों और जाटों के विरोध का लगातार सामना करना पड़ रहा है.
Posted by Sohit Kumar
