UP Elections 2022: BSP ने जिनके लिए आयोजित किया ब्राह्मण सम्मेलन, वही रहे नदारद, अब जानिए क्या है नयी रणनीति

UP Elections 2022: यूपी के कानपुर में बसपा का ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित नहीं हो सका. कहा जा रहा है कि जिनके लिए यह सम्मेलन आयोजित किया गया था, वहीं सम्मेलन से नदारद रहे.

UP Elections 2022: बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election 2022) को लेकर जातिगत समीकरण साधने की कोशिश में जुटी हुई है. इसी कड़ी में वह प्रदेश के सभी 75 जिलों में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन (Brahmin Sammelan) आयोजित कर रही है. इसका मकसद ब्राह्मण वोट बैंक (Brahmin Vote Bank) को अपने पाले में लाने की है. बसपा (BSP) की रणनीति 2007 की तरह एक बार फिर दलित (Dalit) और ब्राह्मण (Brahmin) वोट के सहारे सूबे की सत्ता पर काबिज होने की है. लेकिन उसकी यह रणनीति कामयाब होती नजर नहीं आ रही है.

सम्मेलन में नहीं पहुंचे ब्राह्मण

दरअसल, कानपुर में 22 अगस्त को बसपा का प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन था, लेकिन यह हो नहीं सका. कारण यह रहा कि जिनके लिए सम्मेलन को आयोजित किया गया था, वहीं इसमें शामिल नहीं हुए. यही नहीं, सम्मेलन में शामिल होने वाले ब्राह्मणों की संख्या में भी कोई इजाफा नहीं हो सका था. अब माना जा रहा है कि कानपुर नगर और कानपुर देहात दोनों को मिलाकर एक सम्मेलन करने की कोशिश की जा रही है.

दो जिलों की संयुक्त टीम का गठन

बसपा की यह मजबूरी है कि वह दोनों जिला इकाइयों को मिलाकर एक सम्मेलन आयोजित करे, जिससे इसमें शामिल होने वाले ब्राह्मणों की संख्या बढ़ सके. इसके अलावा, प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन सफल दिखाने के लिए दो जिलों की संयुक्त टीम का गठन किया गया है.

Also Read: ‘बिकरू कांड नरसंहार, बसपा सरकार बनने पर दाखिल रिपोर्ट की फिर से कराएंगे जांच’, भाजपा पर बरसे सतीश चंद्र मिश्रा
नेताओं ने सम्मेलन से खींचे अपने हाथ

दरअसल, बसपा की योजना 22 अगस्त को बिठूर के एक फार्म हाउस में प्रबुद्ध वर्ग वर्ग सम्मेलन आयोजित करने की थी, लेकिन जिस नेता को फार्म हाउस की जिम्मेदारी दी गई थी, उसने बाद में आयोजन करने से इनकार कर दिया. इसके बाद फिर कल्याणपुर में एक गेस्ट हाउस बुक किया गया, लेकिन उसे भी कैंसिल करना पड़ा.

ब्राह्मण वोट बैंक पर सभी पार्टियों की नजर

बता दें, जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आता जा रहा है, राजनीतिक पार्टियां जनता को लुभाने में जुट गई हैं. ऐसे में सभी पार्टियों की नजर ब्राह्मण वोट बैंक पर है, जो चुनाव जीतने का बड़ा सहारा माना जाता है. इस वोट बैंक को अपनी तरफ करने के लिए सपा और बसपा ‘ब्राह्मण सम्मेलन’ कर रही हैं. सपा ने 23 अगस्त से बलिया से ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत की है जबकि बसपा ने 23 जुलाई को अयोध्या से इसकी शुरुआत की थी. दोनों पार्टियों की कोशिश यह बताने की है कि वही ब्राह्मणों की सबसे बड़ी हितैषी हैं.

Also Read: मायावती के बाद बीएसपी की कमान किसे, क्या बीजेपी की बी टीम है बसपा? जानें क्या बोले सतीश चंद्र मिश्रा

Posted by : Achyut Kumar

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Achyut kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >