चीन से चल रहे सीमा विवाद के बीच सपा और बसपा ने भारतीय सीमा के अंदर चीन के अतिक्रमण को अस्वीकार्य बताते हुए इस मुद्दे पर एकमत होने की अपील की है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और बहुजन समाजवादी पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने सीमा विवाद के मामले को लेकर ट्वीट किया है.दोनों ने इस मामले को गंभीर बताया है. साथ ही इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से उपर उठ कर एकमत होकर इस मामले में साथ आने की बात कही है.
अखिलेश यादव ने सीमा विवाद मामले पर किया ट्वीट :
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे के उपर किए अपने ट्वीट में भाजपा पर निशाना भी साधा और लिखा – ”पूर्वी लद्दाख़ में भारतीय सीमा क्षेत्र में एक महीने से चीनी सेनाओं का अतिक्रमण देश को अस्वीकार्य है. सरकार को सख़्त क़दम उठाने चाहिए जिससे सेना का मनोबल बना रहे. चूंकि भाजपा एकाधिकारी फ़ैसले लेती है अत: वह अपने को कमज़ोर समझ रही है जबकि जनता और प्रतिपक्ष इस विषय पर उनके साथ है.”
मायावती ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर साधा निशाना :
वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने चीन विवाद को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए लिखा, ”यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि कोरोना महामारी के चलते जब देश की जनता में त्राहि-त्राहि मची हुई है तब भी खासकर बीजेपी व कांग्रेस इसकी आड़ में घिनौनी राजनीति कर रहीं हैं तथा अब चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर भी इनमें आरोप-प्रत्यारोप जारी है, जो देशहित में उचित नहीं है.”
दलगत राजनीति से उपर उठने की कही बात :
इसी मामले से जुड़े एक और ट्वीट में मायावती ने दलगत राजनीति से उपर उठकर इस मामले में सोचने की बात कहकर लिखती हैं,”चीन के साथ ही दूसरे पड़ोसी देश नेपाल के साथ भी सीमा विवाद अब काफी गंभीर रूप धारण करता जा रहा है. ऐसे में देश की सभी राजीतिक पार्टियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में ही सोचना चाहिए. साथ ही, ऐसे मामलों में यदि केन्द्र सरकार सबको विश्वास में लेकर चले तो यह बेहतर होगा.
Posted by : Thakur Shaktilochan Shandilya
