UP Politics News: उत्तर प्रदेश के मंत्री डीपी सिंह यानी दिनेश प्रताप सिंह इन दिनों भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कांग्रेस पर लगातार हमलावर हैं. इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरएसएस को लेकर एक आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी. राहुल ने आरएसएस को कौरव बुलाया है. जिसपर आज डीपी सिंह ने कहा कि अगर आरएसएस कौरव कहते हैं, तो इसका मतलब है कि वह (राहुल गांधी) पांडव हैं? अगर वह पांडव हैं तो कौन पांडव ने 50 साल की उम्र में भरी जनसभा में अपनी बहन को किस करता है. यह हमारी संस्कृति नहीं है, हमारी भारतीय संस्कृति ऐसी चीजों की इजाजत नहीं देती है.
मीडिया से बात करते हुए डीपी सिंह ने आगे कहा कि, बहुत ही साफ बात है कि राहुल गांधी को समझना चाहिए की आरएसएस (RSS) वह विषय है जिसमें 18 साल का नौजवान जैसे ही प्रचारक में कदम रखता है. वह संकल्प ले लेता है, मैं ना शादी करूंगा, ना ब्याह करूंगा, ना घर बनाऊंगा, ना जमीन बनाऊंगा, ना चुनाव लड़ूंगा, ना विधायक बनूंगा, ना सांसद बनूंगा, अगर कुछ भी करूंगा तो सिर्फ देश बनाऊंगा. राष्ट्र निर्माण को समर्पित हो जाता है बिना किसी लोभ मोह के. क्या ऐसे आरएसएस को कौरव कह रहे हो. अगर उसको कौरव कहे तो क्या वह (राहुल गांधी) पांडव है.
राहुल गांधी अगर खुद को पांडव माने है तो क्या पांडवों ने कभी अपनी बहन को इस तरह सार्वजनिक सभा में चुंबन (किस) किया था. जैसे राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी को 50 साल की उम्र में अजनबी बच्चे कर सकते हैं. 2 साल, 4 साल के बच्चे कर सकते हैं 50 साल के हमारे यहां भारतीय संस्कृति में नहीं है कोई अपनी बहन को भाई इस तरह सार्वजनिक स्थल पर किस करें. हमारे ऐसे संस्कृति में नहीं है जो राहुल जी कर रहे हैं. अगर वह आरएसएस को कौरव कहते हैं तो मैं यह जरूर कहूंगा कि वह किसी भी दशा में पांडव नहीं है.
सोनिया गांधी को लेकर कही ये बातडीपी सिंह ने सोनिया गांधी को लेकर कहा, क्या सोनिया गांधी कह सकती हैं कि वह विदेशी नहीं हैं? क्या कांग्रेस का कोई कह सकता है कि सोनिया गांधी विदेशी नहीं हैं? विदेशी होने के कारण उन्हें पीएम पद से वंचित कर दिया गया था. हमने अंग्रेजों को भगाने और आजादी पाने के लिए बहुत संघर्ष किया है. भारतीय किसी विदेशी को शासक के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे. जब रायबरेली जाने की बात आती है, तो वह (सोनिया गांधी) हमेशा कहती हैं कि वह ठीक नहीं हैं, लेकिन वह अपने बेटे राहुल गांधी के प्रचार के लिए भारत जोड़ो यात्रा में उनके साथ घूमती नजर आती हैं. 2024 में वह सांसद नहीं होंगी और रायबरेली से बाहर निकलने वाली आखिरी विदेशी होंगी.
