उत्तर प्रदेश में आज दिन भर बस पॉलिटिक्स का मुद्दा गरमाया रहा. कांग्रेस के प्रदेश प्रमुख और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं ने आगरा राजस्थान सीमा पर ऊंचा नगला क्षेत्र में आज विरोध प्रदर्शन किया. दरअसल, राजस्थान से प्रवासी श्रमिकों को लाने के लिए कांग्रेस द्वारा चलाई बसों को यूपी में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली जिसके विरोध में उन्होंने धरना प्रदर्शन किया था. बाद में उन्हें प्रशासन द्वारा मौके से हटाया गया .
आगरा के एसपी ग्रामीण (पश्चिम) रवि कुमार ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि एमएचए दिशानिर्देशों के अनुसार अंतर-राज्य बस चलाने की अनुमति के लिए आवेदन करना होता है.जिसके बाद पास जारी किया जाता है और अनुमति दी जाती है.उन्होंने आवेदन नहीं दिया था और कोई पास जारी नहीं हुए थे. इसलिए उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं थी.एसपी रवि कुमार ने बताया कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बीच यूपी के बॉर्डर से बसें चलवाने का मामला काफी गरमा चुका है.दरअसल योगी सरकार ने प्रियंका गांधी के तरफ से 1000 बसों को भेजने के लिए मांगी गई अनुमति को स्वीकार कर लिया है और उन्हें 1000 बसों का ब्यौरा मांगने के बाद बसों को लखनऊ भेजने की बात कही है.
प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने पत्र लिखकर यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को कहा कि बसों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें बसों के इंतजाम में विलंब हो रहा है लेकिन आज शाम 5 बजे तक सभी बसें यूपी के बार्डर पर पहुंच जाएगी. लेकिन अब बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस ने जो बसों की लिस्ट सौंपी, उसमें कई ऐसे नंबर थे, जो ऑटो, एंबुलेंस, कार और बाइक के निकले हैं.
