कोरोना का खौफः भले ही खत्म हो जाए लॉकडाउन लेकिन फिर भी पहनना होगा मास्क, जानिए क्यों

कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर देश फिलहाल लॉकडाउन है. लॉकडाउन की मियाद 14 अप्रैल को खत्म हो रही है. कोरोना से बढ़ते खतरे के बीच सभी राज्य सरकारें अपने-अपने प्रदेश की जनता को सुरक्षा देने का हर संभव प्रयास कर रही है.

कोरोना वायरस के मद्देनजर देश फिलहाल लॉकडाउन है. लॉकडाउन की मियाद 14 अप्रैल को खत्म हो रही है. कोरोना से बढ़ते खतरे के बीच सभी राज्य सरकारें अपने-अपने प्रदेश की जनता को सुरक्षा देने का हर संभव प्रयास कर रही है. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी लोगों को मास्क पहनना होगा. बिना मास्क पहले घर के बाहर निकलने की बिल्कुल अनुमित नहीं होगी. इसके लिए यूपी सरकार 66 करोड़ खादी के ट्रिपल लेयर स्पेशल मास्क बनवाएगी. यह मास्क गरीबों को फ्री में मिलेगा जबकि अन्य लोगों को बेहद कम दाम में उपलब्ध होगा. यूपी के हर नागरिक को 2 मास्क दिए जाएंगे और एपेडिमिक एक्ट के तहत सभी के लिए मास्क पहनना जरूरी होगा.

यूपी सरकार ने साफ किया है कि लॉकडाउन के बाद भी बिना मास्क निकलने की इजाजत नहीं होगी. इससे पहले शनिवार को प्रदेश सरकार ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के मद्देनजर ‘उत्तर प्रदेश कोविड केयर फंड’ बनाने का निर्णय लिया है. इसके माध्यम से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को व्‍यापक स्तर पर सुदृढ़ करने का कार्य किया जाएगा. बता दें उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 234 तक पहुंच गई है. सबसे ज्यादा 58 संक्रमित गौतमबुद्ध नगर में और 44 आगरा में पाए गए हैं. संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में अब तक 234 मामले सामने आए हैं. इनमें से 94 मामले तबलीगी जमात के लोगों से जुड़े हुए हैं. अब तक प्रदेश के कुल 28 जिले इस संक्रमण से प्रभावित हो गए हैं.

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सीएम योगी एक्शन में

गौरतलब है कि शुरू से ही सीएम योगी आदित्यनाथ कोरोना से संबंधित हर मामले पर सख्त कदम उठा रहे हैं. शुक्रवार को योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को किसी भी कीमत पर इंदौर नहीं बनने देंगे. योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में तबलीगी जमात के लोगों द्वारा महिला स्वास्थ्य कर्मियों के साथ की गयी अभद्रता पर बेहद सख्त तेवर दिखाए हैं. उन्होंने ऐसे सभी लोगों पर रासुका लगाने का आदेश देते हुए कहा कि ये लोग न कानून को मानेंगे, न व्यवस्था को. इन्हें छोड़ा नहीं जाएगा. उधर, कोरोना के मामले में इंदौर की स्थिति खराब हो रही है. कोरोना के मरीजों की संख्या 100 का आंकड़ा पार कर चुकी है और व्यवस्था संभल नहीं पा रही है. कई ऐसी गलतियां रहीं जिससे इंदौर में कोरोना ने पैर पसार लिए.बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण पर रोकथाम के लिये 25 मार्च से 21 दिनों के लॉकडाउन (बंद) की घोषणा की है. लॉकडाउन 14 अप्रैल को समाप्त हो सकता है.

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Author: Utpal Kant

Published by: Prabhat Khabar

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