सूरत के हीरा व्यापारी ने 5000 अमेरिकी डायमंड से तैयार किया राम मंदिर की थीम का हार, बनने में लगे इतने दिन

सूरत के एक हीरा व्यापारी ने 5000 अमेरिकी हीरे और 2 किलो चांदी का उपयोग करके राम मंदिर की थीम पर एक हार बनाया है. व्यापारी कौशिक काकाडिया ने बताया, हार बनाने के लिए 5000 से अधिक अमेरिकी हीरे का उपयोग किया गया है. यह 2 किलो चांदी से बना है.

अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तैयारी तेजी से की जा रही है. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई दिग्गज मंत्री और नेता मौजूद रहेंगे. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करा रही संस्था श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया, प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की सभी तैयारियां 15 जनवरी तक पूरी कर ली जाएंगी. प्राण प्रतिष्ठा के लिए पूजा 16 जनवरी को शुरू होगी जो 22 जनवरी तक जारी रहेगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शामिल होंगे. राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से लोग सहयोग कर रहे हैं. स्वेच्छा ले लोग दान भी कर रहे हैं. सूरत के एक हीरा कारोबारी ने राम मंदिर को भेंट करने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से हीरा तैयार किया है. जिसे बनाने में महीने भर का समय लग गया.

राम मंदिर के लिए हीरा व्यापारी ने 5000 अमेरिकी हीरे से तैयार किया हार

सूरत के एक हीरा व्यापारी ने 5000 अमेरिकी हीरे और 2 किलो चांदी का उपयोग करके राम मंदिर की थीम पर एक हार बनाया है. व्यापारी कौशिक काकाडिया ने बताया, हार बनाने के लिए 5000 से अधिक अमेरिकी हीरे का उपयोग किया गया है. यह 2 किलो चांदी से बना है. हम अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर से प्रेरित थे. यह किसी व्यावसायिक उद्देश्य के लिए नहीं है. हम इसे राम मंदिर को उपहार देना चाहते हैं.

महीने भर की मेहनत के बाद 40 कारीगरों ने तैयार किया हार

राम मंदिर की थीम पर तैयार हीरे के हार को तैयार करने में 40 कारीगरों को लगाया गया था. जिसे तैयार करने में 35 दिनों का समय लग गया. कड़ी मेहनत के बाद पूरा डिजाइन तैयार किया गया.

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राम मंदिर की थीम का हारहार की डोरी में रामायण के मुख्य पात्र

सूरत के हीरा व्यापारी ने बताया, राम मंदिर की थीम पर तैयार हीरे के हार की डोरी को भी अनोखा बनाया गया है. हार की डोरी में रामायण के मुख्य पात्रों को स्थान दिया गया है. डोरी में मुख्य पात्रों को उकेरा गया है.

23 जनवरी से आम लोग रामलला के दर्शन कर सकेंगे

प्रतिष्ठा समारोह के बाद 24 जनवरी से उत्तर भारत की परंपरा के अनुसार 48 दिनों तक मंडल पूजा होगी. वहीं, 23 जनवरी से आम लोग रामलला के दर्शन कर सकेंगे.

लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने की संभावना नहीं

अयोध्या में राम मंदिर के लिए आंदोलन में आगे रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के स्वास्थ्य और उम्र संबंधी के कारणों से अगले महीने होने वाले मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने की संभावना नहीं है. मंदिर न्यास ने बताया कि पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी और पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री जोशी स्वास्थ्य और उम्र संबंधी कारणों से समारोह में शामिल नहीं हो सकेंगे. उन्होंने इस कार्यक्रम में आमंत्रित किये गये लोगों का विस्तृत विवरण देते हुए कहा, दोनों (आडवाणी और जोशी) परिवार के बुजुर्ग हैं और उनकी उम्र को देखते हुए उनसे न आने का अनुरोध किया गया है, जिसे दोनों ने स्वीकार कर लिया है. आडवाणी अब 96 साल के हैं और जोशी अगले महीने 90 साल के हो जाएंगे.

150 साधु-संतों और शंकराचार्यों सहित 13 अखाड़े समारोह में होंगे शामिल

उन्होंने कहा, ”विभिन्न परंपराओं के 150 साधु-संतों और छह दर्शन परंपराओं के शंकराचार्यों सहित 13 अखाड़े इस समारोह में भाग लेंगे. कार्यक्रम में लगभग चार हजार संतों को आमंत्रित किया गया है. इसके अलावा 2200 अन्य मेहमानों को भी निमंत्रण भेजा गया है. काशी विश्वनाथ, वैष्णोदेवी जैसे प्रमुख मंदिरों के प्रमुखों, धार्मिक और संवैधानिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है.

जानी-मानी हस्तियां भी प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मौजूद रहेंगी

आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा, केरल की माता अमृतानंदमयी, योग गुरु बाबा रामदेव, अभिनेता रजनीकांत, अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित, अरुण गोविल, फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर और प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी, प्रसिद्ध चित्रकार वासुदेव कामत, इसरो के निदेशक नीलेश देसाई और कई अन्य जानी-मानी हस्तियां भी प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मौजूद रहेंगी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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