25 दिसंबर को मालवीय और अटल के लिए हो सकती भारतरत्‍न की घोषणा

वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले 25 दिसंबर को वाराणसी के बीएचयू में महामना मदन मोहन मालवीय के जन्‍म दिन पर कार्यक्रम को में भाग लेने जा रहे हैं. इसी दौरान भारत सरकार मालवीय को देश केसर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान भारत रत्‍न देने की भी घोषणा कर सकती है. भारतरत्‍न देने की परंपरा देश के […]

वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले 25 दिसंबर को वाराणसी के बीएचयू में महामना मदन मोहन मालवीय के जन्‍म दिन पर कार्यक्रम को में भाग लेने जा रहे हैं. इसी दौरान भारत सरकार मालवीय को देश केसर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान भारत रत्‍न देने की भी घोषणा कर सकती है. भारतरत्‍न देने की परंपरा देश के प्रथम राष्‍ट्रपति डा.राजेंद्र प्रसाद ने 1954 में शुरु की थी. लेकिन बाद में 1955से मरनोपरांत भी इसमें भारतरत्‍न देने का प्रावधान जोड़ा गया था.
हालांकि 25 दिसंबर को ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपायी का भी जन्‍मदिवस है इसलिए बहुत हद तक संभव है कि भाजपा सरकार महामना के साथ अटल बिहारी बाजपायी को भी भारतरत्‍न से देने की घोषणा करेगी. अबतक कुल 43 विशिष्‍ठ लोगों को ही यह सम्‍मान प्राप्‍त है. अगर मालवीय और बाजपायी को यह सम्‍मान प्राप्‍त होता है तो वे इस सममान को पाने वाले देश के 44वें और 45वें व्‍यक्ति होंगे.
25 दिसंबर को वाराणसी में होने वाले अपने एक दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री गंगा नदी के अस्‍सी घाट की स्‍वच्‍छता अभियान से शुरु करेंगे. इसके बाद नरेंद्र मोदी बीएचयू मेंअपने सवा घंटे के कार्यक्रम में शिकत करेंगे जहां मोदी अंतरविश्‍वविद्यालय शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की आधारशिला रखेंगे.
बनारस हिंदू विश्‍वविद्यालय प्रांगण से प्रधानमंत्री मोदी पंडित मदनमोहन मालवीय को भारतरत्‍न मिलने पर बधाई दे सकते है. कार्यक्रम के दौरान मोदी मालवीय का एक सिक्‍का भी जारी करेंगे. इसके साथ ही मालवीय के पौत्र गिरधर मालवीय मोदी कोआजादी का शंखनाद करनेवाला शंख भी भेंट करेंगे. गिरधर मालवीय के पिता पंडित गोविंद ने संसद के सेंट्रल हॉल में 1947 ई. में इसी शंख को बजाकर आजादी का शंखनाद किया था. इसे तब से मालवीय परिवार ने सहेज कर रखा है.
इस दिन बीएचयू के स्‍वतंत्रता भवन में रंगरंगा सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा सकता है. मौके पर केंद्रीय संस्‍कृति मंत्री महेश शर्मा भी उपस्थित रहेंगे. शर्मा मालवीय की जयंति को पूरे देश के छात्रों के लिए ताजमहल, लालकिला और देश के अन्‍य ऐतिहासिक स्‍थलों में नि:शुल्‍क प्रवेश की भी घोषणा कर सकते हैं.

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