यूपी का एक ऐसा गांव जहां शौचालय न होने से नाराज एक माह में 16 बहुओं ने छोड़ा ससुराल

स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव हो या शहर- हर जगह उत्तर प्रदेश सरकार ने शौचालय बनवाने का दावा कर रही है. लेकिन जमीनी हकीकत इससे परे है.

कुशीनगर : स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव हो या शहर- हर जगह उत्तर प्रदेश सरकार ने शौचालय बनवाने का दावा कर रही है. लेकिन जमीनी हकीकत इससे परे है. यूपी के कुशीनगर जिले का एक गांव ऐसा भी है जहां शौचालय न होने के कारण घर की 16 लक्ष्मीयां यानि बहू ससुराल छोड़कर अपने मायके को चली गयी. पडरौना ब्लॉक के जगदीपुर गांव के भरपटिया टोला की 16 बहुएं एक माह के अंदर शौचालय न होने से नाराज होकर ससुराल छोड़कर मायके चली गयी. उनका कहना है कि जब तक शौचालय नहीं बन जायेगा, वे ससुराल में कदम नहीं रखेंगी.

इन बहुओं को बारिश के मौसम में भी शौच के लिए बाहर जाना पड़ता था. ऐसे में परेशानी हुई तो पहले ससुरालवालों को बताया. बात नहीं बनी तो मायके चली गयी. मामले की जानकारी पाकर पंचायत राज अधिकारी ने गांव का दौरा किया और शौचालय अब तक क्यों नहीं बना? इसकी जांच शुरू कर दी.

विवाह से पहले रखी थी शर्त, लेकिन नहीं हुई पूरी

महिलाओं के फैसले पर न सिर्फ परिवारवाले, बल्कि गांववाले भी हैरान हैं. परिवारवालों के समझाने के बाद भी महिलाओं ने फैसला नहीं बदला और ससुराल छोड़ दिया. गांव की बहुओं ने अपनी शादी से पहले ही यह शर्त रखी थी कि ससुराल में शौचालय बनने के बाद ही वहां जायेंगी. ससुराल के लोगों ने वादा भी किया था कि शादी के तुरंत बाद शौचालय बनवा लेंगे. लेकिन कई माह बीतने के बाद भी शौचालय नहीं बना इन्हीं दिक्कतों के कारण महिलाओं ने अपना ससुराल छोड़ने का फैसला कर लिया और अपने मायके चली गयी. इन सभी की दो साल के भीतर शादी हुई है.

सूची में नाम न होने के कारण नहीं बना शौचालय

ग्राम प्रधान राम नरेश यादव ने कहा कि सूची में नाम न होने के कारण कुछ परिवारों का शौचालय नहीं बना है. कुछ महिलाएं अपने मायके गयी हैं. जिला पंचायत राज अधिकारी आरके द्विवेदी ने गांव पहुंचकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है और गांव में समुदायिक शौचालय का निर्माण करने का आश्वासन दिया. कहा कि शौचालय न होने की वजह से बहुओं का ससुराल छोड़कर मायके जाना ठीक नहीं है. जिनका नाम सूची में नहीं है, उनके लिए गांव में सामुदायिक शौचालय बनेगा.

Posted By : Rajat Kumar

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