नयी दिल्लीः राहुल गांधी लोकसभा चुनाव में हार के बाद आज पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी पहुंचे. यहां इस बार उन्हें भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी से इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा. राहुल गांधी एकदिवसीय दौरे पर अमेठी पहुंच गए हैं. दिल्ली से वह लखनऊ पहुंचे जहां एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया. यहां से वह अमेठी रवाना हो गए.
अमेठी में राहुल पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर हार की समीक्षा करेंगे. इससे पहले राहुल ने बुधवार सुबह एक ट्वीट किया. इसमें लिखा- ‘एक करोड़ ट्विटर फॉलोअर्स- आप सब का बहुत-बहुत शुक्रिया! मैं इस उपलब्धि को अमेठी में सेलिब्रेट करने जा रहा हूं, जहां मैं आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मुलाकात करूंगा.’ इस तरह राहुल गांधी ने अपने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिलने का ऐलान किया है.
राहुल गांधी ने पहली बार 2004 में अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता. उसके बाद उन्होंने 2009 और 2014 का लोकसभा चुनाव जीता. उनके सक्रिय राजनीति में उतरने के बाद पहली बार वे इस हालात में अमेठी पहुंच रहे हैं, जब वे न यहां के सांसद हैं और न ही पार्टी में कोई पदाधिकारी.असल में, राहुल गांधी की इस यात्रा का संदेश यह है कि भले ही वह अमेठी से चुनाव हार गए हैं, लेकिन उनका आत्मीय रिश्ता अमेठी से बना हुआ है.
यह उनकी कर्मभूमि है, जो उन्हें विरासत में मिली है, और इसे वह संभाल कर रखना चाहेंगे. अमेठी ऐसी संसदीय सीट रही है जिसका कांग्रेस और खासकर गांधी परिवार से गहरा रिश्ता रहा है. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी अपने इस दौरे को मीडिया से दूर रखेंगे, इसका मतलब है कि वह इस यात्रा को बिल्कुल कैमरे की नजर से दूर रखना चाहते हैं.
