Rourkela News: सुंदरगढ़ जिला (जिसमें राउरकेला वन क्षेत्र भी शामिल है) में जंगली हाथियों का खतरा लगातार बना हुआ है. पिछले दो दिनों में हाथियों के अलग-अलग हमलों में दो महिलाओं की मौत हो गयी है. बार-बार होने वाली घटनाओं से स्थानीय लोगों में चिंता और नाराजगी है. ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग बचाव के असरदार उपाय करने के बजाय सिर्फ मुआवजा देने तक के काम में सीमित है, जिस वजह से इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं.
वन विभाग की टीम जांच में जुटी
ताजा घटना राउरकेला वन क्षेत्र के बांकी रेंज अंतर्गत कच्छुपड़ा गांव के पास हुई, जहां एक हाथी ने 55 वर्षीय महिला की जान ले ली. महिला की पहचान गांव की जमुना महंत के तौर पर हुई है. जानकारी के मुताबिक, जमुना खुले में शौच के लिए गयी थी, तभी अचानक हाथी ने उस पर हमला कर दिया. महिला की मौके पर ही मौत हो गयी. सूचना पाकर बांकी रेंजर और स्थानीय वन कर्मचारी समेत अधिकारी मौके पर पहुंचे. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.
इलाके में 10 से अधिक हाथियों के एक झुंड की मौजूदगी से लोग भयभीत
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस इलाके में अभी 10 से ज्यादा हाथियों का एक झुंड मौजूद है, हालांकि हमला एक हाथी ने किया था. हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीमें तैनात की गयी हैं. हाथी अभी पास के जंगल में हैं. 48 घंटे के भीतर हाथियों के दो जानलेवा हमलों की खबरों के बाद, जिले में इंसान और हाथी के बीच टकराव को लेकर चिंताएं बढ़ गयी हैं. स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग से अपील की है कि वे और मजबूत बचाव उपाय करें, शुरुआती चेतावनी सिस्टम को बेहतर बनायें और निगरानी बढ़ायें, ताकि इंसानी जानों का और नुकसान न हो.48 घंटे पहले 65 वर्षीय महिला की हाथी के हमले में हो गयी थी मौत
इससे पहले गुरुवार सुबह बिरमित्रपुर फॉरेस्ट रेंज के तहत जयदेगा जंगल में एक हाथी ने 65 वर्षीय महिला को कुचलकर मार डाला था. मृत महिला की पहचान सौनापाड़ा बस्ती की ग्लोरिया टोप्पो के तौर पर हुई थी. ग्लोरिया महुआ का फूल इकट्ठा करने जंगल गयी थी, तभी उसका सामना एक हाथी से हुआ और उस पर जानलेवा हमला हुआ. मदद पहुंचने से पहले ही मौके पर उसकी मौत हो गयी थी.
