Rourkela News: राउरकेला नगर निगम के वार्ड नंबर-40 स्थित बंडामुंडा मुखी बस्ती में इस बार भी गर्मी शुरू होते ही पेयजल संकट गहरा गया है. करीब 70 से 80 परिवारों की इस बस्ती में 500 से 600 लोगों की आबादी रहती है, जो इन दिनों पानी की भारी किल्लत से जूझ रही है. नगर निगम की ओर से बस्ती में पानी की व्यवस्था के लिए तीन सिंटेक्स टैंक लगाये गये हैं, लेकिन बस्ती के बीच स्थित टोली में यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है.
महिलाओं को दूर-दराज से लाना पड़ रहा पानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि टैंकों से मिलने वाला पानी उनकी जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा है, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं. बस्ती के अध्यक्ष नीतीश मुखी और स्थानीय महिलाओं ने बताया कि गर्मी के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं. लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है, जिससे खासकर महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. स्थानीय निवासियों के अनुसार, बस्ती के अधिकतर लोग मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. ऐसे में वे निजी स्तर पर पानी की व्यवस्था करने में सक्षम नहीं हैं. यही वजह है कि सरकारी जलापूर्ति व्यवस्था पर उनकी निर्भरता पूरी तरह बनी हुई है.
बार-बार मांग के बाद भी प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
सबसे गंभीर बात यह है कि इतनी बड़ी आबादी के बावजूद अब तक बस्ती में पाइपलाइन के माध्यम से नियमित जलापूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. इससे लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. बस्तीवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मुखी बस्ती में पेयजल पाइपलाइन बिछायी जाये, ताकि उन्हें इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके. उनका कहना है कि वे लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर प्रशासन को अवगत कराते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है.
