Bhubaneswar News: ग्रामीण विकास विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक गुरुवार को भुवनेश्वर में राज्य के में ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पेयजल मंत्री रवि नारायण नायक की अध्यक्षता में हुई. इसका उद्देश्य वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों का मूल्यांकन करना और वर्ष 2026-27 के लिए नयी कार्ययोजना तैयार करना था.
2025-26 में 89.5 प्रतिशत धन का हुआ व्यय
बैठक की शुरुआत में, कमिश्नर और शासन सचिव यामिनी षाड़ंगी ने विभागीय उपलब्धियों पर चर्चा की. वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग ने कुल 89.45 प्रतिशत वित्तीय व्यय पूरा किया. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कार्यान्वयन में ओडिशा देश में आठवें स्थान पर रहा, जबकि नये ज्ञान कौशल और उन्नत सामग्री का उपयोग कर सड़क निर्माण में राज्य देश में प्रथम स्थान पर रहा. मंत्री नायक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस सफलता के लिए बधाई दी. मंत्री नायक ने अधिकारियों से कहा कि पिछले वर्ष की सफलता को आधार बनाकर इस वर्ष उच्च लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अधिक संकल्प और प्रयास के साथ काम किया जाये. उन्होंने वर्षा से पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी करने और कार्यों को तेजी से प्रारंभ करने के निर्देश दिये.
पुराने मार्गों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण पर भी दिया जोर
बैठक में ‘मिशन पावर’ के माध्यम से अविकसित गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने पर भी चर्चा हुई. प्रत्येक जिले की सड़कों से कटी आबादी का विस्तृत अवलोकन किया गया और लक्ष्य प्राप्ति के लिए समय सीमा निर्धारित की गयी. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास का लाभ सभी क्षेत्रों में समान रूप से पहुंचे, इस पर ध्यान दें. बैठक में मुख्यमंत्री सड़क योजना सहित अन्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गयी. मंत्री ने कहा कि नयी सड़क निर्माण के साथ-साथ पुराने मार्गों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण भी समान रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि मजबूत आधार ही सरकार पर जनता के विश्वास को दृढ़ करता है. बैठक में विशेष शासन सचिव सर्वेश्वर सिंह, मुख्य अभियंता प्रदीप कुमार जेना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. राज्य के सभी सर्कल और डिवीजन प्रमुखों ने अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की जानकारी साझा की. इस बैठक ने विभागीय प्रक्रियाओं और उन्नत कार्य कौशल के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान किया.
