Rourkela News: सुंदरगढ़ जिले के कोइड़ा ब्लॉक में खनन विरोधी प्रदर्शन में ग्रामीणों ने शनिवार को जेसीबी मशीन से सड़क खोद दी. जिससे इस सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गयी. भारी खनन वाहनों की आवाजाही ठप हो गयी.
बोले ग्रामीण- न मुआवजा मिला, न ही समस्याओं का स्थायी समाधान
जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी रैयती जमीन से वर्षों से खनन कंपनी के ट्रक गुजर रहे थे, लेकिन उन्हें न तो पर्याप्त मुआवजा मिला और न ही स्थायी समाधान. ग्रामीणों ने प्रशासन से बार-बार अपील की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वे आक्रोशित हो गये और शनिवार को उन्होंने तेहराई और सरगीगड़ में सड़क खोदकर विरोध जताया. इस घटना ने क्षेत्र में खनन से जुड़ी गतिविधियों और स्थानीय जमीन मालिकों के बीच चल रहे संघर्ष को उजागर किया है. ग्रामीण उचित मुआवजा, जमीन के अधिकारों की रक्षा और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं. समाचार लिखे जाने तक वहां स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और स्थानीय अधिकारी मामले की जांच कर सभी पक्षों के साथ चर्चा शुरू करने की उम्मीद है.
अनुगूल : ड्रोन सर्वे करने पहुंचे छह वन कर्मचारियों को ग्रामीणों ने बनाया बंधक
अनुगूल जिले के छेंडीपदा फॉरेस्ट रेंज में ड्रोन सर्वे के दौरान हंगामा हो गया. इस दौरान ग्रामीणों ने छह वन कर्मचारियों को बंधक बना लिया. उन्हें संदेह था कि यह सर्वे कोयला खनन के लिए किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, छेंडीपदा फॉरेस्ट रेंज के छह कर्मचारी शनिवार को कंकुरपाल गांव में ड्रोन सर्वे के लिए गये थे. ग्रामीणों को बिना बताये सर्वे करने पर लोग आक्रोशित हो गये. उनका आरोप है कि कोयला खनन के लिए बगैर जानकारी के सर्वे किया जा रहा है. वन विभाग का कहना है कि यह नियमित सर्वे है, लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे. उनका कहना है कि प्रशासन और वन विभाग को पहले जानकारी देनी चाहिए थी. हंगामा की खबर पाकर छेंडीपदा रेंजर और पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया.
