Bhubaneswar News: रसोई गैस की कमी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायकों के हंगामे के कारण गुरुवार को ओडिशा विधानसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यवाही बाधित रही. लगातार शोर-शराबे के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी.
सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
गुरुवार को सदन की कार्यवाही निर्धारित समय सुबह 10:30 बजे शुरू हुई. विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी प्रश्नकाल शुरू कराने वाली थीं. राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी की अनुपस्थिति में स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग प्रश्नों के उत्तर देने लगे. इसी दौरान कांग्रेस के विधायक रसोई गैस की कमी का मुद्दा उठाते हुए नारेबाजी करने लगे. कांग्रेस विधायक हाथों में प्लेकार्ड लेकर सदन के मध्य भाग में आ गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. उन्होंने आरोप लगाया कि रसोई गैस की कमी के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अध्यक्ष ने कई बार कांग्रेस विधायकों से सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की, लेकिन उन्होंने नारेबाजी जारी रखी. इसके चलते अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को पहले 11:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.
डबल इंजन सरकार-डबल धोखा नहीं चलेगा का लगाया नारा
11:30 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी कांग्रेस विधायकों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया. वे सदन के बीच आकर नारेबाजी करते हुए ‘डबल इंजन सरकार-डबल धोखा नहीं चलेगा’ और ‘गैस की कीमत कम करो’ जैसे नारे लगा रहे थे. अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने उन्हें बताया कि उस समय शून्यकाल चल रहा है और वे अपनी मांग सदन में औपचारिक रूप से रख सकते हैं. हालांकि, कांग्रेस विधायक अपनी सीटों पर नहीं लौटे और नारेबाजी जारी रखी. इस बीच अध्यक्ष ने सत्तारूढ़ दल के विधायकों इराशिष आचार्य और संतोष खटुआ को अपनी बात रखने का अवसर दिया. हंगामे के बीच वे अपनी बात रखने लगे. लेकिन लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी. अंततः अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को 12:10 बजे तक के लिये स्थगित करने की घोषणा कर दी. जब सदन फिर से शुरू हुआ, तो समान मुद्दे पर पुन: हंगामा किया गया. इस कारण विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को शाम चार बजे तक स्थगित करने की घोषणा की.
