Rourkela News : ओरिंड परिसर की रेलवे साइडिंग को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कराया बंद

बकाया राशि से वंचित अरिंड के पूर्व कर्मचारियों की शिकायत के बाद हुई सुनवाई

– बकाया राशि से वंचित अरिंड के पूर्व कर्मचारियों की शिकायत के बाद हुई सुनवाई – सुनवाई में साइडिंग चलानेवाली संस्था के लीज कागजात को दिया गया अवैध करार चित्र संख्या- 19, 20 परिचय- प्रदूषण नियंत्रण विभाग में हियरिंग तथा वहां पहुंचे ग्रामीण Rourkela News : राउरकेला प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने लाठीकोटा ओरिंड क्षेत्र में चल रहे रेलवे साइडिंग क्षेत्र को बंद कर दिया है. इसकी सूचना सभी संबंधित अधिकारियों को दे दी है तथा रेलवे साइडिंग के प्रतिनिधियों को भी नोटिस जारी कर दिया है. जानकारी के अनुसार यद्यपि ओरिंड कारखाना 2011 में बंद हो गया था. फिर भी 750 से अधिक कर्मचारियों को अभी तक 11 महीने से अधिक समय से वेतन नहीं दिया गया है. इन कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से लेकर श्रम विभाग तक शिकायत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है. वहीं, दूसरी ओर राज्य सरकार द्वारा ओरिंड को प्रदान की गयी लीज की जमीन रेलवे साइडिंग के लिए सब-लीज पर दे दी गयी है. इसका उपयोग पिछले तीन वर्षों से निकटवर्ती लाठीकटा क्षेत्र में लौह अयस्क और कोयले के परिवहन के लिए किया जा रहा है. लेकिन यहां के कर्मचारियों ने साइडिंग चलानेवाली संस्था के पास वैध कागजात न होने की शिकायत राज्य प्रदूषण विभाग से की थी. इसके बाद जांच का जिम्मा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राउरकेला क्षेत्रीय कार्यालय को सौंप दिया था. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने साइडिंग चलानेवाली संस्था को उचित कागजात दिखाने के लिए तीन महीने का समय दिया. लीज पर दी गयी जमीन को उप-लीज पर देने का अधिकार जिलापाल, उप-जिलापाल और तहसीलदार को है. लेकिन बुधवार को हुई सुनवाई में संस्था ने केवल आरआइ द्वारा लिखित कागज दिखाया. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी अनूप मलिक इसे अवैध घोषित कर दिया और साइडिंग को रोकने का आदेश दिया है. इस सुनवाई में साइडिंग चलानेवाली संस्था की ओर से सोनू अग्रवाल, गणेश अग्रवाल व उनके वकील उपस्थित थे, जबकि कर्मचारियेां की ओर से सर्वेश्वर मोहंती, गजेंद्र बहादुर व वकील यूके पांडेय उपस्थित थे. वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय के बाहर सबरत अली, अब्दुल अंसारी, राजकुमार श्रीवास्तव, दुखिया भूमिज, अशोक शर्मा, राम चंद्र दास, हरीश दास, पहरा दास समेत कई महिला कर्मचारी मौजूद थीं. प्रदूषण नियंत्रण विभाग के इस फैसले के बाद सभी ने संतोष व्यक्त किया है.

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Author: SUNIL KUMAR JSR

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