Sambalpur News: पीएमएमसीएच में फर्जी सर्टिफिकेट से नियुक्ति मामले की हो न्यायिक जांच : बीजद
Published by : BIPIN KUMAR YADAV Updated At : 10 Jun 2026 1:28 AM
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Sambalpur News: बीजद ने पीएमएमसीएच में फर्जी सर्टिफिकेट से नियुक्ति मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है.
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Sambalpur News: तालचेर स्थित पवित्र मोहन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमएमसीएच) में संविदा पर नियुक्त स्टाफ नर्सेस के सर्टिफिकेट फर्जी पाये जाने के बाद बीजद ने सरकार की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाये हैं. बीजद नेताओं ने आरोप लगाया कि मरीजों और उनके रिश्तेदारों ने स्टाफ नर्स की सेवा को लेकर कई बार सवाल उठाये गये, लेकिन इसे दबा दिया गया.
झारखंड की भर्ती एजेंसी की ओर से जिन 29 विभागों में नियुक्ति हुई है, सभी की हो जांच
जिला बीजद अध्यक्ष और तालचेर विधायक ब्रजकिशोर प्रधान ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की न्यायिक जांच की मांग की और भर्ती एजेंसी, एमसीएल और मेडिकल मैनेजमेंट अधिकारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों की ईमानदारी पर सवाल उठाये. साथ ही कहा है कि सरकार को इतने बड़े घोटाले की जानकारी कैसे नहीं थी. इसके अलावा यह मांग की गयी है कि झारखंड के कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स के माध्यम से जिन 29 विभागों में नियुक्ति दी गयी है, उनकी फिर से जांच की जाये. साथ ही बीजद ने उन लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की है, जो इतने बड़े घोटाला में शामिल थे. वहीं चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी जोरदार आंदोलन करेगी. मौके पर पूर्व डिप्टी स्पीकर रजनीकांत सिंह, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, मेयर अनुगूल अक्षय सामंत और जिला युवा अध्यक्ष अरुणाभ सिंह मौजूद थे.आरोपी स्टाफ नर्स की क्लीनिकल ड्यूटी पर लगी रोक
तालचेर स्थित पवित्र मोहन मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (पीएमएमसीएच) में संविदा पर नियुक्त कई स्टाफ नर्स का सर्टिफिकेट नकली पाये जाने के बाद जिलापाल ने जांच का आदेश दिया था. मामले की जांच कर मेडिकल कॉलेज ने एक्शन रिपोर्ट सौंप दी है. जिला प्रशासन के अनुसार, आरोपी स्टाफ नर्स की क्लिनिकल ड्यूटी रोक दी गयी है. उनके सर्टिफिकेट की जांच पूरी होने तक उनका डेपुटेशन रद्द कर दिया गया है. इस बीच सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता, प्रोफेशनल सर्टिफिकेट और नर्सिंग रजिस्ट्रेशन विवरण की जांच शुरू कर दी गयी है. स्टाफ नर्सों द्वारा जमा किये गये सभी प्रमाणपत्र और सर्टिफिकेट की जांच करने के लिए एक विशेष कमेटी बनायी गयी है. कमेटी में मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर, प्रशासनिक अधिकारी और सहायक शामिल हैं. इसी तरह एमसीएल की ओर से आउटसोर्स एजेंसियों और अन्य संबंधित स्टेकहोल्डर्स को भी जांच के दायरे में रखा गया है. दूसरी ओर जिस दिन से यह धोखाधड़ी सामने आयी है, कई नर्सिंग स्टाफ गैरहाजिर हैं. उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. नर्सिंग डायरेक्टर को बताया गया है कि जिस नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ नकली सर्टिफिकेट की शिकायत की गयी है, उसका रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करें. इसी तरह आरोपी नर्सिंग स्टाफ के ज्वॉइनिंग और डेपुटेशन ऑर्डर की कॉपी विजिलेंस विभाग और पुलिस को दे दी गयी है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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