Rourkela News : सर्गिफुल किशोरों की सृजनात्मक शक्ति को और प्रगति देगा : नायक

मंत्री रवि नारायण नायक ने किया सर्गिफुल उत्सव 2024 की शुभारंभ

मंत्री रवि नारायण नायक ने किया सर्गिफुल उत्सव 2024 की शुभारंभ

Rourkela News : बहुप्रतीक्षित सर्गिफुल उत्सव 2024 का बुधवार को आधिकारिक तौर पर शुभारंभ हो गया. तीन दिन तक चलने वाले इस उत्सव का उद्घाटन पंचायती राज, पेयजल और ग्रामीण विकास मंत्री रवि नारायण नायक ने किया. अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति विकास, अल्पसंख्यक समुदाय और पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस राज्यस्तरीय उत्सव में मंत्री ने एससी/एसटी छात्रों को संबोधित किया. इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति निदेशक डॉ पोमा टुडू, अनुसूचित जाति निदेशक लक्ष्मण कुमार मलिक, विभागीय अतिरिक्त सचिव और वित्त सलाहकार बनिता दास, अतिरिक्त सचिव नारायण ढाला प्रमुख रूप से उपस्थित थे.

मुख्य अतिथि मंत्री श्री नायक ने सर्गिफुल के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय प्रकृति के उपासक होते हैं. समय के साथ, जनजातीय समुदाय सर्गिफुल या शाल फूल को भोजन के रूप में ग्रहण करते आये हैं. बाद में इसे पूजा के रूप में उपयोग करना शुरू किया गया, इस प्रकार सर्गिफुल प्रेरणा का स्रोत बन गया. उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य किशोरों की सृजनात्मक शक्ति को और प्रगति देना है. उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे राज्य का प्रतिनिधित्व करने जैसी क्षमता और सामर्थ्य रखते हैं. उनका आंतरिक प्रतिभा और गुण इस उत्सव के आयोजन का मुख्य उद्देश्य है.

10 एससी/एसटी छात्रों को किया गया पुरस्कृत

इस अवसर पर 2024 की दसवीं बोर्ड परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले 10 एससी/एसटी छात्रों को मंत्री श्री नायक द्वारा ₹5000 का पुरस्कार, प्रमाण पत्र और जनजातीय संबंधित पुस्तकों के साथ सम्मानित किया गया. जिन छात्रों को सम्मानित किया गया, वे विभिन्न जिलों से थे, जैसे जगतसिंहपुर के मिलू टुडू, कंधमाल की सुप्रभा नायक, महेश महर, नंदिनी नायक, चुमकी नायक, लवली नायक, खोरधा के कृष्णा टुडू, संबलपुर के सुनेली प्रधान, नवरणगपुर की रश्मिता भत्रा, गजपति के कविता गमांग. इसके साथ ही, मंत्री ने एससी/एसटी छात्रों के लिए आयोजित राज्यस्तरीय विज्ञान मेला का उद्घाटन किया. तीन दिन तक चलने वाले इस उत्सव में राज्यस्तरीय विज्ञान मेला का आयोजन किया गया है. 40 स्टॉल्स में 80 छात्र-छात्राओं के साथ 40 गाइड शिक्षक भी शामिल हैं. इस मेला में समुद्र परिसंचरण संरक्षण, पर्यावरण-अनुकूल वातावरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान, स्मार्ट क्लासरूम जैसे विषयों पर पांच डोम्स में विभिन्न कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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