Rourkela News: स्मार्ट सिटी राउरकेला में गुरुवार को गर्मी का भीषण रूप दिखा. शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री के पास पहंच गया है. जिससे लोगों का घर से बहार निकलना दूभर हो गया है. घर से निकलते ही ऐसा लग रहा है जैसे धरती उबल रही है और आसमान से आग बरस रही है. भीषण गर्मी से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस, अधिकतम आर्द्रता 75 फीसदी और न्यूनतम 28 फीसदी रही.
मौसम विभाग ने लू की चेतावनी जारी की, घरों से निकलते समय एहतियात बरतने को कहा
इस भीषण गर्मी के कारण लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग आवश्यक काम से ही घर से बाहर निकल रहे हैं. मौसम विभाग ने शहर में लू की चेतावनी जारी की है. लोगों को सलाह दी गयी है कि वे भीषण गर्मी में घर से बाहर न निकलें और यदि निकलना पड़े, तो धूप से बचाव के लिए आवश्यक उपाय करें. इस भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने 23 से 27 अप्रैल तक सभी सरकारी व निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है.
झारसुगुड़ा : 43.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ पारा, सुबह 10 बजे ही सुनसान हो जा रहीं सड़कें
झारसुगुड़ा में भीषण गर्मी का कहर जारी है. बुधवार को 44.6 डिग्री सेल्सियस के साथ यह देश का सबसे गर्म शहर रहा. वहीं गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस रहा. झारसुगुड़ा का अधिकतम तापमान पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.
धूप में काम कराने पर प्रतिबंध का नहीं हो रहा पालन
भीषण गर्मी के कारण सुबह 10 बजे के बाद शहर और ग्रामीण इलाकों में सड़कें सुनसान हो जा रही हैं. दुकानें और सड़क किनारे के स्टॉल बंद हैं, जैसे अघोषित कर्फ्यू लगा हो. लोग दिन में घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं. झारसुगुड़ा में औद्योगिक प्रदूषण, कोयले का दहन, थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स और अन्य उद्योगों के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है. जिले में हरित पट्टी का विकास भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रहा. गर्मी के कारण लू लगने का खतरा बढ़ गया है. सरकार ने धूप में काम करने पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन कई स्थानों पर इसका पालन नहीं हो रहा.
