Rourkela News: ओडिशा हाइकोर्ट ने 14 नवंबर, 2014 की विज्ञप्ति के खिलाफ विचाराधीन दो मामलों को खारिज कर दिया है, इसके लाथ ही करीब एक दशक बाद राउरकेला महानगर निगम (आरएमसी) का चुनाव कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. ओडिशा हाइकोर्ट ने 14 नवंबर, 2014 को राउरकेला नगरपालिका को महानगर निगम में परिणत कर प्रकाशित विज्ञप्ति के खिलाफ 2015 से विचाराधीन दो मामलों को खारिज कर दिया है. इसके साथ ही 14 नवंबर, 2014 की विज्ञप्ति पर जारी स्टे तथा पहले प्रदान किया गया अंतरिम आदेश भी हाइकोर्ट ने रद्द कर दिया है. राउरकेला के पूर्व नगरपाल निहार राय की ओर से वर्ष 2021 में दायर एक अन्य मामले में हाइकोर्ट ने महानगर निगम का चुनाव कराने के लिए तुरंत पहल करने का निर्देश दिया है. जस्टिस आरके पटनायक को लेकर गठित खंडपीठ ने तीनों मामलों की एक साथ सुनवाई कर यह राय प्रदान की है.
पंचायतों को निगम में शामिल करने से उपजा था विवाद
राउरकेला महानगर निगम का गठन करने के लिए निर्दिष्ट जनसंख्या का मानक होना जरूरी था. यह मानक पूरा करने के लिए राउरकेला शहर के निकट स्थित कई पंचायतों को निगम में शामिल करने का निर्णय सरकार ने लिया था. इसे लेकर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गयी थी. इन आपत्ति को ग्रहण करने के बाद वर्ष 2014 में फाइनल विज्ञप्ति जारी की गयी थी. इसमें राउरकेला नगरपालिका के 33 वार्ड सहित जगदा व झारतरंग पंचायत के कुछ गांव, राउरकेला टाउन यूनियन-48 के कुछ अंचल को महानगर निगम में शामिल कर 14 नवंबर, 2014 में गृह निर्माण व शहरी विकास विभाग की ओर से विज्ञप्ति जारी की गयी थी. लेकिन जगदा व झारतरंग पंचायत के कुछ निवासियों की ओर से इसका विरोध कर 2015 में हाइकोर्ट में दो याचिका दाखिल की गयी थी. 26 मार्च, 2015 को मामले की सुनवाई कर हाइकोर्ट ने 14 नवंबर, 2014 को जारी विज्ञप्ति पर अंतरिम स्थगनादेश जारी किया था. इसके बाद यह मामला विचाराधीन था, लेकिन अलग-अलग तारीखों पर पहले से जारी अंतरिम स्थगनादेश को कायम रखने का निर्देश दिया गया था. इस कानूनी विवाद के कारण राउरकेला महानगर निगम का चुनाव नहीं हाे पा रहा था.आरएमसी का चुनाव कराने के लिए पूर्व नगरपाल निहार राय का प्रयास लाया रंग
राउरकेला महानगर निगम (आरएमसी) का चुनाव कराने के लिए पूर्व नगरपाल तथा शहर के वरिष्ठ राजनेता निहार राय द्वारा कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद शहरवासियों के लिए सुखद समाचार सामने आया है. हाइकोर्ट के इस निर्णय के बाद जल्द ही राउरकेला महानगर निगम का चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है. जनप्रतिनिधि नहीं होने के कारण निगम में ऑफिसर राज चलने से आम जनता को माैलिक सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं. अब चुनाव होने से शहर की जनता अपने-अपने वार्ड से जनप्रतिनिधियों का चयन कर भेज सकेगी, जिससे शहर का सर्वांगीण विकास भी हाे सकेगा.चुनाव के बाद चयनित प्रतिनिधि करेंगे वार्ड का विकास
राउरकेला के पूर्व नगरपाल निहार राय ने कहा कि हाइकोर्ट के फैसले से अब राउरकेला महानगर निगम के चुनाव का मार्ग प्रशस्त हो चुका है. निगम की घोषणा होने के बाद चुनाव नहीं होने के कारण आम जनता बुनियादी सुविधा से वंचित थी. विकास के नाम पर करोड़ो रुपयों की राशि आने के बाद भी इसका सदुपयोग नहीं हो पा रहा था. लेकिन एक बार निगम का चुनाव हो जाने के बाद चयनित जनप्रतिनिधि अपने-अपने वार्ड का विकास कर सकेंगे.
