Rourkela News: 30 हजार करोड़ रुपये की जंबो परियोजना से राउरकेला स्टील प्लांट (आरएसपी) का आधुनिकीकरण व विस्तार शहर के लिए वर्तमान सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है. परियोजना में हो रही देरी ने चिंता बढ़ा दी है कि कहीं सेल प्रबंधन इस महत्वाकांक्षी परियोजना को किसी दूसरी इकाई में स्थानांतरित ना कर दे. ऐसा होने की स्थिति में शहर को इसका बड़ा खामियाजा भुगतना होगा.
सेल और राज्य सरकार अड़चनों को करेंगी दूर
30 हजार करोड़ रुपये का निवेश शहर को विकसित करने के कई रास्ते खोलनेवाला है. लेकिन अभी तक इस पर काम रफ्तार से शुरू नहीं हो पाया है. हालांकि शुक्रवार को भुवनेश्वर में राज्य सरकार और आरएसपी के आला अधिकारियों के बीच हुई बैठक ने कुछ उम्मीदें जगायी हैं. बैठक में राज्य सरकार व आरएसपी के अधिकारियों के बीच सहमति बनी है कि इस परियोजना में तेजी लायी जायेगी. सेल और राज्य सरकार इसपर संयुक्त रूप से काम करेंगी और अड़चनों को शीघ्र दूर कर लिया जायेगा.
विस्तार परियोजना के लिए 1200 एकड़ जमीन की आवश्यकता
बैठक में मौजूद शीर्ष अधिकारियों के बीच जिन बिंदुओं पर सर्वाधिक चर्चा हुई, उसमें जमीन अधिग्रहण मुख्य था. करीब 1200 एकड़ जमीन की आवश्यकता इस परियोजना के लिए है. जिस पर फिलहाल अतिक्रमण है. इसे समस्या को दूर करने के लिए अलग-अलग रणनीतियों पर चर्चा हुई. आरएसपी के अधिकारियों ने उस पैकेज का भी जिक्र किया, जो जमीन पर बसे लोगों के लिए तय किया गया है. अभी इस पैकेज के बिंदुओं पर आधिकारिक रूप से कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गयी है, लेकिन इसमें बुनियादी सुविधाओं से लेकर आवास तक होने की बात कही जा रही है. सभी बिंदुओं पर चर्चा के बाद राज्य सरकार की ओर से हर तरह का सहयोग देने का भरोसा दिया गया है. अगर सबकुछ ठीक रहा, तो इस महीने के अंत तक जमीन अधिग्रहण में तेजी आ सकती है.
प्रतियोगिता में बने रहने के लिए परियोजना का लागू होना बेहद जरूरी
आरएसपी के निदेशक प्रभारी आलोक वर्मा अलग-अलग मंचों से लगातार कह रहे हैं कि 30 हजार करोड़ की यह परियोजना आरएसपी का भविष्य तय करेगी. ऐसे समय में जब स्टील उद्योग कई तरह की चुनौतियों से जूझ रहा है, उसमें उत्पादन क्षमता नहीं बढ़ने से आरएसपी प्रतियोगिता से बाहर हो सकता है. जिसका खामियाजा पूरे शहर और सेल को भी भुगतना होगा. राउरकेला में ज्यादातर चीजें आरएसपी से जुड़ी हैं इससे शहर का विकास सीधे जुड़ा है. सेल को 35 मिलियन टन सालाना उत्पादन क्षमता हासिल करनी है, तो आरएसपी का उत्पादन 10 मिलियन टन होना बेहद जरूरी है.
