Sambalpur News: केंद्रीय मंत्री और संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने संबलपुर जिले के नकटीदेउल ब्लॉक स्थित ‘भीममंडली इको हेरिटेज साइट’ परियोजना का रविवार को भूमिपूजन किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भीममंडली केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि ओडिशा की गौरवशाली प्राचीन सभ्यता और इतिहास का जीवंत प्रमाण है. इस परियोजना से भीममंडली की ऐतिहासिक विरासत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्राप्त करेगी तथा संबलपुर क्षेत्र में पर्यटन को नयी दिशा मिलेगी.
भीममंडली की गुफाओं में मौजूद ‘रॉक आर्ट’ लगभग 10 हजार वर्ष पुराने
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पुरातत्वविदों के अनुसार भीममंडली की गुफाओं में मौजूद ‘रॉक आर्ट’ लगभग 10 हजार वर्ष पुराने हैं. यहां पाषाण युग के कई प्राचीन उपकरण भी मिले हैं. इस दुर्लभ धरोहर को संरक्षित करने के साथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) से मान्यता दिलाने के प्रयास जारी हैं. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि डबल इंजन सरकार ने भीममंडली के विकास के लिए आठ करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक की राशि मंजूर की है. इसके तहत यहां प्रवेश मार्ग, पुल, व्यू प्वाइंट, सौर ऊर्जा व्यवस्था, पर्यटकों के लिए विश्राम गृह तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा. इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक विकास के नये अवसर पैदा होंगे.
ओडिशा सरकार की ‘होम स्टे’ नीति से ग्रामीणों को मिलेगा स्वरोजगार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ओडिशा सरकार की ‘होम स्टे’ नीति के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ा जायेगा तथा पर्यटकों को ओडिशा के पारंपरिक ग्रामीण जीवन का अनुभव कराया जायेगा. आने वाले समय में भीममंडली क्षेत्र की सांस्कृतिक और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा. श्री प्रधान ने इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा का आभार व्यक्त किया.
धर्मेंद्र प्रधान ने किया था भीममंडली के विकास का वादा
25 फरवरी 2025 को भीममंडली के दौरे के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने इसके विकास का वादा किया. उन्होंने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर देब्रीगढ़-भीममंडली-हीराकुद को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने का अनुरोध भी किया था. कार्यक्रम में पंचायतीराज मंत्री रवि नारायण नायक, रेढ़ाखोल विधायक व पूर्व मंत्री प्रसन्न आचार्य समेत प्रशासनिक एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे.
