Jharsuguda News: हिंदुत्व की परंपरा व संस्कृति बांटने की नहीं, जोड़ने की रही है : डॉ विशाखा शर्मा

मनमोहन एमई स्कूल के मैदान में सकल हिंदू समाज द्वारा आयोजित एक दिवसीय विराट हिंदू सम्मेलन

Jharsuguda News : प्रकृति की प्रवृत्ति जब आकृति लेती है, वही हिंदुत्व हैं. कुछ भी हो जाये हमें धर्म के कार्य व मार्ग से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए. हिंदू का अर्थ है जो दूसरे के दुख दर्द को समझे. हमारी परंपरा व संस्कृति रही है कि हम काटने या बांटने में विश्वास ही नहीं करते बल्कि हम संदेश से जोड़ने में विश्वास करते है. हम हिंदू गतिशील है. हम समावेशी है. हमारा मूल मंत्र राष्ट रक्षा, समानता है. हिंदुत्व सीमित व संकुचित भाव नहीं बल्कि यह व्यापक पद्धति है. उक्त बातें रविवार को मनमोहन एमई स्कूल के मैदान में सकल हिंदू समाज द्वारा आयोजित एक दिवसीय विराट हिंदू सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डाॅ विशाखा शर्मा ने कहीं. डा शर्मा ने कहा कि अपनी भाषा व संस्कृति में जो संतुष्टि है, वह कहीं और नहीं है. उन्होंने अहिल्या बाई होलकर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ने आज से तीन सौ वर्ष पहले अपनी अत्याधुनिक सोच से ऐसा कार्य कर दिखाया था जिसकी हम आज सोच भी नहीं सकते. डाॅ शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा कही गयी एक कविता के कुछ अंश जिसमें हमारी भूमि वंदन,अभिनंदन व तर्पण की है, को भी सुनाया. उन्होंने ने कहा की मातृभुमि से प्रेम का प्रचार-प्रसार घर-घर जा करने का कार्य राष्ट्रीय स्वंय सेवक के कार्यकर्ताओं ने किया है और आज हम उसी आरएसएस का शताब्दी वर्ष मना रहे हैं. आज अब हम सब को यह सोचने समय आ गया है कि हम क्या थे ,क्या है और आगामी दिन में क्या होगें. इस कार्य में मुख्य भूमिका हमारी माता-बहनों की है. वर्तमान में हम वंदे मातरम का ढेड़ सौ वर्ष मना रहे हैं. इस शब्द में ऐसी ताकत है कि कई देशभक्त इसका नाम लेकर फांसी पर हंसते- हंसते झूल गये. हिंदू सम्मेलन में ओडिशा पश्चिम प्रांत के संघ सरचालक सनातन प्रधान व अंगुल से आये स्वामी अखंडानंद पुरी ने भी हिंदुत्व व सनातन पर अपने विचार रखे. कहा कि समय आ गया है कि हम एकजुट हो. सम्मेलन में झारसुगुड़ा विधायक टंकधर त्रिपाठी ने भी अंश ग्रहण कर इस तरह के आयोजन के लिए सभी को धन्यवाद दिया और अपने विचार रखे. सम्मेलन की अध्यक्षता आयोजक समिति के अध्यक्ष अशोक गांधी ने की जबकि सभा का संचालन डाॅक्टर डोली लाठ व अमित अग्रवाल ने की. समारोह से पहले सुबह आठ बजे विभिन्न स्थानों से कलश यात्रा निकल कर आयोजन स्थल पहुंची. इसके बाद पंचकुंडीय घृत यज्ञ व हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया. इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित होकर यज्ञ में आहुतियां दी व हनुमान चालीसा का पाठ किया. सभा समारोह के उपरान्त उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रुप में प्रसाद का सेवन किया.

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By SUNIL KUMAR JSR

SUNIL KUMAR JSR is a contributor at Prabhat Khabar.

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