Rourkela news: सेक्टर-8 में भिखारियों के पुनर्वास को बने केंद्र में पहुंचकर बाल सुरक्षा आयोग की सदस्य कल्पना लेंका ने सोमवार को एक बार फिर व्यवस्थाओं की पोल खोली. इतना ही नहीं उन्होंने कई सवाल उठाते हुए इसकी विस्तृत जांच और कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने मीडिया को मौके पर बताया कि सरकार हर अंतेवासी के लिए 107 रुपये देती है. मासिक तीन लाख रुपये से अधिक दिया जा रहा है. इतना ही नहीं ढाई क्विंटल चावल भी मुहैया कराया जा रहा है. लेकिन इतनी व्यवस्था के बावजूद, यहां रहने वालों को भात और टमाटर की चटनी परोस कर अपने जिम्मेदारियों को पूरा मान लिया जा रहा है.
रजिस्ट्रर नहीं मिलने पर उठाये सवाल
कल्पना लेंका ने बताया कि पिछली बार जब वे यहां आयी थीं, तो रजिस्टर में 52 लोगों के नाम थे. वहीं अब यहां पर केवल 45 रहवासी हैं. रजिस्टर भी यहां नहीं है. कहा जा रहा है कि रजिस्टर शीर्ष अधिकारियों को भेजा गया है. जबकि इस बारे में मैं जिलापाल से लेकर एडीएम सबको जानकारी दे चुकी हूं. इसके बावजूद वर्ष 2026 का रजिस्टर केंद्र में नहीं होना अजीब है. जनवरी, फरवरी औ्र मार्च महीना बीत चुका है. अगर रजिस्टर दिया भी गया, तो क्या यह वापस केंद्र नहीं आयेगा.
पुनर्वास केंद्र में निवासियों से नहीं हो रहा सही व्यवहार
कल्पना लेंका ने अंतेवासियों से बातचीत करने के बाद कहा कि उनके साथ खराब व्यवहार किये जाने की शिकायत भी की है. एक अंतेवासी कैंसर से पीड़ित हैं. उनका इलाज बुर्ला में चल रहा है. उनकी हालत कैसी है, क्या इलाज किया जा रहा है, इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.
सरकार को अव्यवस्था से कराऊंगी अवगत
कल्पना लेंका ने कहा कि यह सभी बातें राज्य सरकार और संबंधित विभाग की जानकारी में लायी जायेंगी. इतनी अव्यवस्था यहां नहीं चल सकती. यह सभी हमारे बीच के ही लोग हैं. उनके लिए अगर सरकार व्यवस्था दे रही है, तो उनतक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है.
