Bhubaneswar News: उर्वरकों की जमाखोरी करने वालों पर हो एफआइआर, लाइसेंस किये जायें रद्द : मोहन माझी

Bhubaneswar News: मुख्यमंत्री मोहन माझी ने उच्चस्तरीय बैठक में खरीफ सीजन में खाद आपूर्ति की समीक्षा की.

Bhubaneswar News: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को लोक सेवा भवन में उच्चस्तरीय बैठक कर आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की. बैठक में उन्होंने राज्यभर के किसानों तक उर्वरकों की समय पर और सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया. मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति पर पड़ रहे संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जतायी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टरों से चर्चा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को उचित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराये जायें.

केंद्र सरकार ने ओडिशा को 11.4 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित किया

बैठक में कृषि आयुक्त-सह-सचिव सचिन रामचंद्र जाधव ने बताया कि केंद्र सरकार ने चालू वर्ष के लिए ओडिशा को 11.4 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित किया है. अप्रैल माह के लिए अनुमानित आवश्यकता 79,630 मीट्रिक टन के मुकाबले राज्य में 15 अप्रैल तक 3,61,490 मीट्रिक टन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. राज्य में खाद वितरण के लिए 1,029 थोक विक्रेता और 12,093 खुदरा विक्रेता कार्यरत हैं, तथा आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है. अधिकारियों ने यह भी बताया कि विभिन्न विक्रेताओं के यहां निरीक्षण किये गये, जिनमें अनियमितता पाये जाने पर छह लाइसेंस रद्द किये गये हैं. बैठक में उर्वरक मंत्रालय द्वारा लागू इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम की जानकारी भी दी गयी, जिससे जिलावार उर्वरक की उपलब्धता और वितरण की रियल-टाइम निगरानी संभव हो रही है.

राज्य में 1.77 लाख मीट्रिक टन यूरिया व 60 हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध

जिलावार स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में लगभग 1.77 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 60,000 मीट्रिक टन से अधिक डीएपी उपलब्ध है. हालांकि उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी और जमीनी स्तर पर उपलब्धता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री ने उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण किये जायें, दोषियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाये और उनके लाइसेंस रद्द किये जायें. साथ ही अंतरराज्यीय सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने और उर्वरकों की अवैध आवाजाही रोकने के लिए पुलिस एवं कृषि विभाग के संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने को कहा.

सब्सिडी वाली यूरिया के दुरुपयोग पर जतायी चिंता

मुख्यमंत्री माझी ने सब्सिडी वाली यूरिया के दुरुपयोग पर भी चिंता जतायी और जिला स्तरीय टास्क फोर्स को ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिये. इसके अलावा सभी ग्राम पंचायतों में शीघ्र ही सतर्कता समितियों के गठन को पूरा करने के निर्देश दिये गये, ताकि स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत हो सके. डिजिटल सुधारों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने डिजिटल फार्मर आइडी बनाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिये. कहा कि राज्य के 44 लाख किसानों में से अब तक 15 लाख किसानों को इस योजना के तहत शामिल किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंच सकेगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जागरुकता अभियान चलाने और किसानों को जैविक खाद तथा नैनो यूरिया जैसे विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करने पर भी बल दिया.

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By BIPIN KUMAR YADAV

BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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