शिवसेना चुनाव चिह्न विवाद: उद्धव ठाकरे ने EC के आदेश के खिलाफ खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा, याचिका दायर

दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका में उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवेसना के चुनाव चिह्न को बाला साहेब ठाकरे ने डिजाइन किया था. उद्धव ने अपनी याचिका में कहा कि चुनाव आयोग ने बिना सोचे विचारे फैसला लिया. उद्धव ने हाईकोर्ट से चुनाव आयोग के आदेश को रद्द करने की मांग की है.

शिवसेना और उसके चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर चुनाव आयोग ने पिछले दिनों रोक लगा दिया था. जिससे महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को करारा झटका लगा. लेकिन अब खबर आ रही है कि उद्धव ने चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

उद्धव बोले- बाला साहेब ठाकरे ने डिजाइन किया था शिवसेना का चुनाव चिह्न

दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका में उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवेसना के चुनाव चिह्न को बाला साहेब ठाकरे ने डिजाइन किया था. उद्धव ने अपनी याचिका में कहा कि चुनाव आयोग ने बिना सोचे विचारे फैसला लिया. उद्धव ने हाईकोर्ट से चुनाव आयोग के आदेश को रद्द करने की मांग की है.

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क्या है मामला

एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे ने शिवसेना और उसके चुनाव चिह्न पर दावा किया था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने तीन नवंबर को अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से प्रतिबंधित कर दिया. दरअसल एकनाथ शिंदे ने पिछले दिनों कुछ विधायकों के साथ उद्धव ठाकरे और महाविकास अघाड़ी सरकार के खिलाफ विद्रोह कर दिया था. जिसके बाद महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार गिर गयी. फिर एकनाथ शिंदे ने भाजपा के साथ गठबंधन कर नयी सरकार का गठन किया.

ठाकरे, शिंदे खेमे ने निर्वाचन आयोग को वैकल्पिक चिह्न और नाम सुझाए

शिवसेना के उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे नीत खेमे ने निर्वाचन आयोग को अपनी ओर से तीन-तीन वैकल्पिक चिह्न और नाम औपचारिक रूप से सौंप दिए हैं. निर्वाचन आयोग अब यह पड़ताल करेगा कि क्या इन चिह्न का इस्तेमाल कोई अन्य पार्टी तो नहीं कर रही है. आयोग यह भी जांच करेगा कि क्या इन चिह्नों के इस्तेमाल पर उसने रोक को नहीं लगाई थी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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