Sharad Pawar: 81 साल के शरद पवार फिर बने NCP चीफ, 4 साल तक संभालेंगे पार्टी की कमान

शरद पवार ने कार्यसमिति की बैठक में पार्टी कार्यकताओं को संबोधित करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, आज देश की स्थिति ठीक नहीं है. देश के किसान बेहाल हैं. किसानों समस्या हल करने के बजाय सरकार उन्हें परेशान कर रही है.

शरद पवार 81 साल की उम्र में एक बार फिर से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष चुन लिये गये हैं. उन्हें सर्वसम्मति से एनसीपी चीफ बनाया गया. यह जानकारी NCP के मुख्य प्रवक्ता महेश भारत तापसे ने दी.

अगले चार साल तक एनसीपी की कमान संभालेंगे शरद पवार

शरद पवार अगले 4 साल तक एनसीपी की कमान संभालेंगे. दिल्ली में आयोजित कार्यसमिति की बैठक को उन्होंने संबोधित किया और कहा, कोरोना काल के बाद हम एक साथ मिल रहे हैं, सभी के साथ संवाद करने का अवसर मिल रहा है, यह बड़ी खुशी की बात है. उन्होंने कहा, आज की मीटिंग और कल का अधिवेशन एक अलग तरह से हो रहा है. इस अधिवेशन की जिम्मेदारी पहली बार राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस और राष्ट्रवादी विद्यार्थी कांग्रेस का नेतृत्व करनेवाले हमारे सहयोगियों ने अपने कंधे पर लिया है.

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शरद पवार ने मोदी सरकार पर बोला हमला

शरद पवार ने कार्यसमिति की बैठक में पार्टी कार्यकताओं को संबोधित करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, आज देश की स्थिति ठीक नहीं है. देश के किसान बेहाल हैं. किसानों समस्या हल करने के बजाय सरकार उन्हें परेशान कर रही है. स्वतंत्रता के बाद कभी नहीं हुआ की देश के किसानों को दिल्ली आने का नौबत आया. लेकिन मोदी सरकार में किसान दिल्ली की सीमा पर आकर बैठे और एक साल आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा. उनकी समस्याएं जानने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की थी, लेकिन उनसे बात भी नहीं की और उन्हें नजरअंदाज कर दिया.

1999 में कांग्रेस से अलग हुए थे शरद पवार

मालूम हो शरद पवार पहले कांग्रेस पार्टी में ही थे, लेकिन विवाद के कारण उन्होंने 1999 में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उसके बाद उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की स्थापना की. दरअसल शरद पवार ने सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाये जाने का विरोध किया था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को इटली में जन्मी सोनिया गांधी के बजाय भारत में जन्मे कोई भी कांग्रेसी नेता को प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार घोषित करना चाहिए. हालांकि शरद पवार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा और उन्हें कांग्रेस पार्टी ने पी ए संगमा और तारिक अनवर के साथ 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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