Maharashtra Flood महाराष्ट्र में भूस्खलन और बाढ़ से भारी तबाही मची है. अब तक 149 लोगों की मौत की खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, कोंकण क्षेत्र और पश्चिमी महाराष्ट्र के प्रभावित जिलों से करीब 2,30,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. वहीं, इन घटनाओं में अब तक 50 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है.
रविवार को महाराष्ट्र में सतारा और रायगढ़ जिलों में 36 और शव मिले है. इसके साथ ही बाढ़ और भूस्खलन समेत बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 149 हो गई है, जबकि 64 लोग लापता हैं. राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा जिले से 28 और तटीय क्षेत्र के रायगढ़ जिले से 8 और लोगों की मौत की खबर है. सरकार ने कहा कि अब तक रायगढ़ में 60, रत्नागिरी में 21, सतारा में 41, ठाणे में 12, कोल्हापुर में 7, उपनगरीय मुंबई में 4 और सिंधुदुर्ग और पुणे में 2-2 लोगों की मौत हुई है.
बताया गया है कि रत्नागिरी जिले के बाढ़ प्रभावित चिपलून शहर में पांच राहत शिविर बनाए गए हैं. एनडीआरएफ की 25 टीमें, एसडीआरएफ की 4 टीमें, तटरक्षक बल की 2 टीमें, नौसेना की 5 टीमें और सेना की 3 टीमें राहत और बचाव अभियान कार्य में जुटी है. वहीं, चिपलून को मुंबई से जोड़ने वाली वशिष्ठी नदी पर बना पुल ढह जाने से सड़क यातायात के लिए बंद है.
राज्य सरकार ने रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों में से प्रत्येक को 2-2 करोड़ रुपये की आपातकालीन वित्तीय सहायता प्रदान की है. वहीं, बारिश से प्रभावित सतारा, सांगली, पुणे, कोल्हापुर, ठाणे और सिंधुदुर्ग को भी 50-50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है. इससे पहले आज मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भीषण बाढ़ के स्थल चिपलून का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने निवासियों, व्यापारियों और दुकानदारों से बातचीत की और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव मदद का वादा किया.
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