क्या आप भी अपना फोन हमेशा रखते हैं साइलेंट? जानें आपकी इस आदत का मेंटल हेल्थ से क्या है कनेक्शन

Lifestyle Tips: क्या आपका भी फोन हर समय साइलेंट मोड पर ही रहता है? अगर हां, तो यह सिर्फ एक आदत नहीं बल्कि आपकी सोच, स्ट्रेस लेवल और मेंटल पीस से भी जुड़ा हो सकता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको बताने वाले हैं कि आखिर क्यों कई लोग फोन की घंटी से दूरी बनाकर रखना पसंद करते हैं और इसका उनकी मेंटल कंडीशन से क्या कनेक्शन हो सकता है.

Lifestyle Tips: क्या आप भी उन लोगों में से हैं जिनका फोन पूरे-पूरे दिन साइलेंट मोड पर ही रहता है? या फिर नोटिफिकेशन की आवाज सुनते ही परेशान हो जाते और अचानक आयी कॉल्स को आपको उठाने का मन ही नहीं करता है? आज के समय में बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो बिना सोचे-समझे भी अपने फोन को हर समय साइलेंट पर ही रखना पसंद करते हैं. अक्सर ऐसा करने के पीछे कुछ कारण हो सकते हैं. कई बार आप ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि आपको शांति की चाहत होती है तो कई बार आप अपने फोन को साइलेंट में इसलिए रखते हैं क्योंकि आप अनवांटेड कॉल्स और मैसेजेस से बचना चाहते हैं. अगर आप ऐसा करते भी हैं तो क्या आपने कभी यह सोचा है कि कैसे आपकी यह छोटी सी आदत आपके मेंटल कंडीशन और इमोशंस के बारे में काफी कुछ बता सकता है? आज इस आर्टिकल में हम आपको एक बेहद ही आसान भाषा में समझाने वाले है कि हर समय फोन को साइलेंट पर रखने के पीछे क्या छिपे हुए कारण हो सकते हैं और इसके आपके मेंटल कंडीशन से क्या रिश्ता है. तो चलिए जानते हैं विस्तार से.

बार-बार नोटिफिकेशन से बचने की कोशिश

आज के समय में अगर स्मार्टफोन को हम देखते हैं तो यह सिर्फ एक कॉल करने का ही जरिया नहीं रह गया है. स्मार्टफोन का इस्तेमाल हम सोशल मीडिया से कनेक्टेड रहने के लिए, ऑफिस ग्रुप के अपडेट्स पाने के लिए और यहां तक की ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए भी स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने लग गए हैं. ऐसे में जब ऐप्स की वजह से पूरे दिन नोटिफिकेशन की घंटी बजती रहती है, तो हमारा ध्यान हर समय भटकता रहता है. कई बार ऐसा भी होता है कि बार-बार नोटिफिकेशन आने की वजह से हमारा दिमाग पूरी तरह से थक भी जाता है. यह एक बड़ी वजह है कि कुछ लोग अपने दिमाग को रिलैक्स करने के लिए फोन को साइलेंट में करके रख देते हैं. फोन को साइलेंट में रखकर उन्हें शांति महसूस होती है और वे खुद को कम स्ट्रेस में महसूस करने लग जाते हैं.

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अचानक आने वाले कॉल्स से होती है घबराहट

कई लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें अचानक से फोन बजने या फिर नोटिफिकेशन आने की वजह से बेचैनी और घबराहट महसूस होने लगती है. उन्हें अचानक से ऐसा लगने लगता है कि हैं कोई जरूरी काम या फिर चिंता करने वाली बात न हो. इसके अलावा कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो तुरंत जवाब देने के प्रेशर में भी परेशान हो जाते हैं. इसी घबराहट और बेचैनी से बचने के लिए वे अपने फोन को साइलेंट में रख देते हैं. मेंटली रिलैक्स रहने के लिए भी लोग यह तरीका अपनाना पसंद करते हैं. ऐसा करके वे अपनी सुविधा के हिसाब से कॉल्स या फिर मैसेज का जवाब देते हैं और साथ ही अपने ऊपर महसूस होने वाले प्रेशर को कम भी कर पाते हैं.

काम और पढ़ाई में फोकस बढ़ाने का तरीका

बहुत से लोगों की यह आदत होती है कि वे किसी जरूरी काम को करते समय या फिर पढ़ाई करते समय अपने फोन को साइलेंट में रखना पसंद करते हैं. वे अपने ध्यान को भटकने से बचाने के लिए यह तरीका अपनाते हैं. कई बार फोन से आने वाली एकदम छोटी सी बीप भी आपके फोकस को पूरी तरह से बिगाड़ सकती है. कई बार ऐसा भी होता है कि लोग सिर्फ एक नोटिफिकेशन को देखने के लिए ही अपने फोन को उठाते हैं लेकिन फिर लंबे समय तक सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग के जाल में फंसकर रह जाते हैं. ऐसे में फोन को साइलेंट में रखना अपने फोकस और प्रोडक्टिविटी को बूस्ट करने का एक आसान तरीका माना जाता है.

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अकेले रहने और मेंटल पीस की चाहत

कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि जब कोई व्यक्ति हद से ज्यादा स्ट्रेस, काम के प्रेशर या फिर इमोशनल प्रॉब्लम्स से जूझ रहा होता है, तो ऐसे में में वह दुनिया से थोड़ी सी दूरी बनाने के लिए अपने फोन को साइलेंट में डालकर छोड़ देता है. जब आपको इस तरह की प्रॉब्लम्स हों तो फोन को साइलेंट में रखकर खुद के साथ थोड़ा सा समय बिताना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. उन्हें ऐसा लगता है कि थोड़ी देर बिना कॉल्स और मैसेजेस के रहने से उनका दिमाग शांत रह पाता है. कई बार फोन को साइलेंट में रखना दिमागी थकान को कम करने का भी एक तरीका बन जाता है.

कब यह आदत बन सकती है चिंता की बात?

अगर आप अपने फोन को साइलेंट में डालकर रख रहे हैं तो यह बिलकुल भी गलत आदत नहीं है. लेकिन जब आप जरूरी कॉल्स और मैसेजेस को देखकर भी अनदेखा करने लगते हैं, लोगों से बात करने से बचने की कोशिश करते हैं या फिर आने वाली हर एक नोटिफिकेशन से चिड़चिड़ा जाते हैं, तो यह आपके मेंटल स्ट्रेस और अकेलेपन का संकेत भी हो सकता है. आपकी यह आदत अगर आपके डेली रूटीन और रिश्तों पर असर डालने लग जाती हैं , तो आपको अपने मेंटल कंडीशन पर ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए.

कैसे बनाएं लाइफ में सही बैलेंस?

आपके लिए हर समय अपने फोन को साइलेंट में डालकर रखना भी सही नहीं होता है और ठीक इसी तरह हर समय फोन को रिंगर में डालकर रखना भी सही नहीं होता है. सबसे बेहतर होगा कि आप अपने फोन का इस्तेमाल अपने जरूरत के हिसाब से करना शुरू कर दें. जब आप काम या फिर आराम कर रहे हों, तो अपने फोन को साइलेंट में डालकर रखें, लेकिन अगर आपके कॉन्टैक्ट में जरूरी लोग हैं तो उनके नंबर को ‘फेवरेट’ में सेव करके रखें. जब आप ऐसा करेंगे तो आप उनका एक भी इमरजेंसी कॉल मिस नहीं करेंगे. इसके अलावा आपको अपने दिन का कुछ समय बिना स्मार्टफोन के भी बिताना चाहिए. आपकी यह आदत आपके मेंटल हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Saurabh Poddar

मैं सौरभ पोद्दार, पिछले लगभग 3 सालों से लाइफस्टाइल बीट पर लेखन कर रहा हूं. इस दौरान मैंने लाइफस्टाइल से जुड़े कई ऐसे विषयों को कवर किया है, जो न सिर्फ ट्रेंड में रहते हैं बल्कि आम पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी से भी सीधे जुड़े होते हैं. मेरी लेखनी का फोकस हमेशा सरल, यूजर-फ्रेंडली और भरोसेमंद भाषा में जानकारी देना रहा है, ताकि हर वर्ग का पाठक कंटेंट को आसानी से समझ सके. फैशन, हेल्थ, फिटनेस, ब्यूटी, रिलेशनशिप, ट्रैवल और सोशल ट्रेंड्स जैसे विषयों पर लिखना मुझे खास तौर पर पसंद है.

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