Coronavirus Pandemic: गुजरात से हजारों श्रमिक पैदल ही वापस लौट रहे मध्यप्रदेश

thousands workers marched towards madhya pradesh from gujarat due to Coronavirus Pandemic भोपाल : कोरोना वायरस के मद्देनजर देशभर में लॉकडाउन के चलते पड़ोसी राज्य गुजरात में बेरोजगार हुए हजारों श्रमिक पैदल ही अपने घर मध्यप्रदेश लौट रहे हैं. इनमें कई महिलाएं भी हैं. मध्यप्रदेश के कई जिलों से अच्छे रोजगार की तलाश में ये श्रमिक गुजरात के सूरत, अहमदाबाद, राजकोट, नवसारी और अन्य जिलों में रहने गये थे.

भोपाल : कोरोना वायरस के मद्देनजर देशभर में लॉकडाउन के चलते पड़ोसी राज्य गुजरात में बेरोजगार हुए हजारों श्रमिक पैदल ही अपने घर मध्यप्रदेश लौट रहे हैं. इनमें कई महिलाएं भी हैं. मध्यप्रदेश के कई जिलों से अच्छे रोजगार की तलाश में ये श्रमिक गुजरात के सूरत, अहमदाबाद, राजकोट, नवसारी और अन्य जिलों में रहने गये थे.

लॉकडाउन के बाद अब ये श्रमिक अपने घर मध्यप्रदेश के झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, रतलाम, भिंड और मुरैना जिलों में वापस लौट रहे हैं. ये श्रमिक समूह में गुजरात से सटे मध्यप्रदेश के पश्चिमी भाग के आदिवासी बहुल जिलों झाबुआ या अलीराजपुर से प्रवेश कर रहे हैं. ये श्रमिक सैकड़ों किलोमीटर या तो पैदल चलकर आये हैं या किसी वाहन ने इन्हें प्रदेश की सीमा पर छोड़ा है.

एक व्यक्ति ने अपनी पहचान जाहिर नहीं करने हुए झाबुआ जिले की पिटोल चेक पोस्ट पर बताया, ‘3300 विस्थापित श्रमिक मध्यप्रदेश वापस आये हैं. उनमें से अधिकतर ने मंगलवार रात को लॉकडाउन घोषित होने के बाद से गुजरात से वापस घर (मध्यप्रदेश) की ओर चलना शुरू किया था. रास्ते में भले लोगों ने इन्हें खाना और अन्य जरूरी चीजें दीं.’

उनमें से सिर पर सामान उठाये महिलाओं सहित कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने केवल पानी पीकर मध्यप्रदेश की सीमा तक का रास्ता तय किया है. सूरत से पैदल चलकर झाबुआ जिले के पिटोल चेक पोस्ट से प्रवेश करने वाले मुरैना जिले के विजय अहीरवार (28) ने कहा कि बिना काम के खाली पेट गुजरात में रहने का अब कोई मतलब नहीं था. इसलिए वह घर लौट रहे हैं.

एक अन्य व्यक्ति शंकर ने बताया कि वह अपनी रोजी-रोटी के लिए सूरत में सड़क किनारे पानी पुरी की रेहड़ी लगाता था. लेकिन, अब वह वापस अपने घर मुरैना जिले जा रहा है. कई प्रवासी श्रमिक अलीराजपुर जिले के चांदपुर या चकतला चेक पोस्ट से मध्यप्रदेश में वापस लौटे हैं.

अलीराजपुर के पुलिस अधीक्षक विपुल श्रीवास्तव ने कहा कि उनके जिले में 400-500 श्रमिक अधिकांश पैदल ही मध्यप्रदेश में आये हैं. इसके अलावा मध्यप्रदेश और गुजरात सीमा पर अन्य रास्तों से भी लोग यहां आये हैं. एसपी ने बताया कि गुजरात के नवसारी जिले से और श्रमिक 10 बसों में वापस यहां आ रहे हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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