Coronavirus Viral Video: कोरोना संक्रमित की जांच करने आये डॉक्टरों पर पथराव, भीड़ ने दौड़ाया

stone pelting on medical team went to identify coronavirus positive cases in indore इंदौर : मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आये शख्स की पहचान के लिए पहुंची स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पर पथराव का मामला सामने आया है. घटना इंदौर के टाट पट्टी बाखल इलाके की है. इंदौर के छतरीपुरा थाना क्षेत्र में जब 2 डॉक्टरों, आशा कार्यकर्ता, तहसीलदार के साथ पुलिसकर्मियों की टीम कोरोना वायरस के मरीजों की जांच के लिए पहुंची, तो वहां के लोगों ने डॉक्टरों की टीम पर हमला कर दिया. इन लोगों ने इस टीम पर पत्थर भी फेंके.

इंदौर : मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आये शख्स की पहचान के लिए पहुंची स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पर पथराव का मामला सामने आया है. घटना इंदौर के टाट पट्टी बाखल इलाके की है. इंदौर के छतरीपुरा थाना क्षेत्र में जब 2 डॉक्टरों, आशा कार्यकर्ता, तहसीलदार के साथ पुलिसकर्मियों की टीम कोरोना वायरस के मरीजों की जांच के लिए पहुंची, तो वहां के लोगों ने डॉक्टरों की टीम पर हमला कर दिया. इन लोगों ने इस टीम पर पत्थर भी फेंके.

ज्ञात हो कि चीन के वुहान शहर से दुनिया के 200 से अधिक देशों को अपनी चपेट में लेने वाले कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में भी तेजी से बढ़ने लगा है. इस वायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने देश में 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किया था. 14 अप्रैल को इसकी मियाद पूरी हो जायेगी. तब तक पूरे देश में जो जहां है, उसे वहीं रहने की सलाह सरकार ने दी थी.

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के पॉजिटिव केसों की संख्या लगातार बढ़ रही है. बुधवार को इंदौर में एक और कोरोना संक्रमित मरीज सामने आया, जिसके बाद शहर में कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़कर 64 हो गयी. इस बीच, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोविड-19 की समीक्षा बैठक में एक कड़ा कदम उठाया. कोरोना महामारी को नियंत्रित नहीं कर पाने की वजह से श्री चौहान ने मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त प्रतीक हजेला को उनके पद से हटा दिया.

उल्लेखनीय है कि इस महामारी की चपेट में आये मरीजों की स्थिति स्थिर बनी हुई है. अब तक मिली रिपोर्टों के मुताबिक, मध्यप्रदेश में कुल 86 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. इनमें इंदौर के सर्वाधिक 63 मरीज शामिल हैं. इसके अलावा, जबलपुर के आठ, उज्जैन के छह, भोपाल के चार, शिवपुरी एवं ग्वालियर के दो-दो एवं खरगोन में एक मरीज में भी इस संक्रमण की पुष्टि हुई है.

इनमें से छह लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से इंदौर के तीन, उज्जैन के दो और खरगोन के एक मरीज शामिल हैं. इसी बीच, मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग की एक विज्ञप्ति में बताया गया, ‘जबलपुर सहित प्रदेश के अन्य सभी स्थानों पर कोरोना के मरीजों की स्थिति में सुधार हुआ है.’

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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