MP Election : 'मेरी शादी कराओ, मुझे लोन दिलाओ'... चुनावी ड्यूटी में नाम आया तो शिक्षक ने कर दी अजीबोगरीब मांग

MP Election : एक नोटिस के जवाब में रातों रात सुर्खियों में आ गये अखिलेश कुमार मिश्रा सतना जिले के अमरपाटन में महुदर हायर सेकेंडरी स्कूल में संस्कृत के शिक्षक हैं. हालांकि वो ड्यूटी के लिए ट्रेनिंग में शामिल नहीं हुए, और जब उन्हें नोटिस जारी किया गया तो उन्होंने ऐसा जवाब लिख दिया.

MP Election : मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है. सियासी दल ताल ठोक रहे हैं, और राजनीतिक दलों के नेता ज्यादा से ज्यादा लोगों को रिझाने में जुटे हुए हैं. इसी कड़ी में एमपी के सतना से एक अजीब मामला आया है. दरअसल यहां शिक्षक ने चुनावी ड्यूटी करने से मना कर दिया है. चुनावी ड्यूटी न करने के पीछे शिक्षक ने जो तर्क दिया है वो पूरे इलाके  में चर्चा का विषय बना हुआ है. बता दें, सतना के इस शिक्षक चुनावी ड्यूटी को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी के सामने यह शर्त रखी है कि वो चुनावी ड्यूटी एक ही शर्त पर करेंगे कि अगर उसकी शादी कराई जाए और दहेज में उन्हें 35 लाख रुपये दिलाए जाएं, साथ ही फ्लैट खरीदने के लिए लोन भी मुहैया कराया जाए. शिक्षक ने साफ कर दिया कि अगर यह नहीं हुआ तो वो ड्यूटी नहीं करेंगे.

MP Election 2023 : दरअसल मध्य प्रदेश में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव के सफल संपादन के लिए सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया जाता है. इसके लिए सरकारी कर्मचारियों को चुनाव से पहले ट्रेनिंग भी दी जाती है. वहीं, टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सतना जिले के अमरपाटन में महुदर हायर सेकेंडरी स्कूल के संस्कृत के शिक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा ने ड्यूटी के लिए शर्त रख दी कि पहले उनकी शादी कराई जाये और अन्य मांगों को पूरा किया जाये तो ही वो ड्यूटी करेंगे.

शिक्षक को किया गया  निलंबित
रिपोर्ट के मुताबिक, अखिलेश को 16 अक्टूबर को मतदान संबंधी ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया था. लेकिन वो ट्रेनिंग में शामिल नहीं हुए. जिसके बाद उन्हें नोटिस दिया गया, लेकिन जब शिक्षक ने नोटिस का जवाब दिया तो उसे पढ़कर तमाम अधिकारी हैरान रह गये. शिक्षक अखिलेश ने अपने रिप्लाई में कहा कि मेरी पूरी उम्र बिना पत्नी के ही बीत रही है. उम्र निकली जा रही है. ऐसे में पहले मेरी शादी करवाओ और 35 लाख कैश दिलवाइए. इसके अलावा उन्होंने फ्लैट के लिए लोन भी दिलाने की मांग की.

कौन हैं अखिलेश कुमार मिश्रा
एक नोटिस के जवाब में रातों रात सुर्खियों में आ गये अखिलेश कुमार मिश्रा भोपाल से करीब साढ़े चार किलोमीटर दूर सतना जिले के अमरपाटन में महुदर हायर सेकेंडरी स्कूल में संस्कृत के शिक्षक हैं. उन्हें भी अन्य शिक्षकों की तरह चुनावी ड्यूटी पर लगाया गया था. हालांकि वो ड्यूटी के लिए ट्रेनिंग में शामिल नहीं हुए, और जब उन्हें नोटिस जारी किया गया तो उन्होंने ऐसा जवाब लिखा. 

Also Read: MP Election 2023 : एमपी चुनाव में बढ़ी कुर्ते की मांग, 140 साल पुरानी दुकान बनी नेताओं की पहली पसंद

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >