MP Cabinet Expansion, madhya pradesh politics:मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के गठन के करीब तीन माह बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार गुरुवार को किया जाएगा. चौहान ने भोपाल में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया के सवालों के संक्षिप्त जवाब में कहा कि बुधवार (आज) राज्यपाल की शपथ होगी और कल यानी गुरुवार को मंत्रिमंडल का विस्तार होगा.
‘किल कोरोना अभियान’ की शुरुआत के बाद जब मीडिया ने शिवराज सिंह चौहान से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि जब भी मंथन होता है, अमृत निकलता है. अमृत तो बंट जाता है, लेकिन विष शिव पी जाते हैं. बता दें कि मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बीते कई दिनों से अटकलों का बाजार गरम था. कांग्रेस भी लगातार इस मामले को लेकर हमलावर थी. मंगलवार को ही मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि सरकार लूट का क्षेत्र नहीं बांट पा रही है. इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार में देरी हो रही है.
नये चेहरे को लेकर उलझन में सरकार
बता दें कि शिवराज भाजपा के आला नेताओं से विचार-विमर्श करने के लिए दिल्ली गये थे. मंगलवार सुबह वे वापस भोपाल लौट आए, सीएम शिवराज के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और सुहास भगत भी आए हैं. माना जा रहा था कि कल एक जुलाई को मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है और इस बार इनमें नए चेहरों को जगह दी जा सकती है. सीएम ने इसको लेकर मंत्रालय में चर्चा की. भाजपा सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल के साथ-साथ विधानसभा अध्यक्ष और उप-मुख्यमंत्री पद का मुद्दा अब भी अटका पड़ा है.
लेकिन आज सीएम शिवराज के ऐलान के बाद उप मुख्यमंत्री पद के लिए नामों की चर्चा तेज हो गयी है. भाजपा सूत्रों के मुताबिक, दूसरे विस्तार में लगभग 25 मंत्री शपथ ले सकते हैं. फिलहाल कैबिनेट में सीएम सहित छह मंत्री हैं. मध्य प्रदेश में कुल 35 मंत्रियों को कैबिनेट में रखा जा सकता है. वहीं मप्र की प्रभारी राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल बुधवार को दोपहर 3 बजे भोपाल पहुंच रही हैं। दोपहर 4.30 बजे मप्र हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उन्हें मप्र के राज्यपाल के रूप में शपथ दिलाएंगे.
एमपी की सियायत में मार्च में बड़ा उलटफेर
मध्यप्रदेश में मार्च महीने में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ. कद्दवार नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा में आए. उनके समर्थन में 22 विधायकों ने भी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ को 20 मार्च को पद से इस्तीफा देना पड़ा. 23 मार्च को शिवराज ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. 21 अप्रैल को 5 मंत्रियों को शपथ दिलाकर मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल का गठन किया. तब से लेकर अब तक कोरोना संकट के कारण मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ.
Posted By: Utpal kant
