मध्य प्रदेश में 10वीं की परीक्षा रद्द, सीएम बोले- हालात सुधरने पर होगी 12वीं की परीक्षाएं

MP 10th And 12th Board Exam 2021 कोरोना की दूसरी लहर के जारी कहर के बीच मध्य प्रदेश में भी कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज हो रही है. इसी के मद्देनजर मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को अहम फैसला लिया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 10वीं की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी. मूल्यांकन के आधार पर छात्रों की अंक पत्र जारी किया जाएगा. सीएम ने कहा कि जो छात्र ज्यादा नंबर चाहते हैं, वो आने वाले समय में परीक्षा के लिए बैठ सकते हैं.

MP 10th And 12th Board Exam 2021 कोरोना की दूसरी लहर के जारी कहर के बीच मध्य प्रदेश में भी कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज हो रही है. इसी के मद्देनजर मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को अहम फैसला लिया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 10वीं की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी. मूल्यांकन के आधार पर छात्रों की अंक पत्र जारी किया जाएगा. सीएम ने कहा कि जो छात्र ज्यादा नंबर चाहते हैं, वो आने वाले समय में परीक्षा के लिए बैठ सकते हैं.

इसके साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश में कक्षा 12 के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा स्थगित कर दी गई हैं. उन्होंने कहा कि हालात सुधरने पर परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 12वीं की परीक्षा की तिथि से बीस दिन पहले नया टाइमटेबल जारी किया जाएगा. बता दे कि साल 2020 में भी 10वीं के छात्रों को दो विषयों में जनरल प्रमोशन दिया गया था.

वहीं, एमपी बोर्ड के 10वीं की परीक्षा के संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि छात्रों को छमाही/प्री बोर्ड, यूनिट टेस्ट में मिले अंकों के आधार पर पास किया जाएगा. प्रत्येक छात्र को स्कूलों द्वारा 100 अंकों में से प्राप्ताकों के आधार पर पास किया जाएगा. आदेश के मुताबिक, स्कूलों को आंतरिक मूल्यांकन के अंक भरने के लिए ओएमआर शीट भेजी जा चुकी है. इसमें विषयवार अधिकतम 20 अंक भरे जाने का प्रावधान है.

कोरोना संकट को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संक्रमण को पूरी तरह से खत्म करना है, तो संक्रमण की चेन तोड़ना, संक्रमितों की पहचान करना, टेस्ट करना, इलाज करना और टीकाकरण करना की रणनीति पर ध्यान देना जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में हम कोरोना की संक्रमण दर घटाने में सफल हुए हैं. संक्रमण दर 24 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, अब यह घटकर 11.8 प्रतिशत हो गई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पॉजिटिव मामलों की संख्या भी धीरे-धीरे कम होती जा रही है, लेकिन हमें अभी भी लंबी लड़ाई लड़नी है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोनाकाल में कुछ बच्चों के ऊपर से माता-पिता का साया उठ गया है. हमने योजना बनाई हैं. ऐसे बच्चे जिनके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं रहा. जब तक वे सक्षम नहीं हो जाते उन्हें 5 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी और उन्हें निशुल्क राशन दिया जाएगा.

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