MP Rain Alert: मध्य प्रदेश (MP Weather) में सितंबर की शुरुआत तेज बारिश के साथ हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र के मुताबिक राज्य के कई जिलों में आज जोरदार बारिश हो सकती है. सिंगरौली, शहडोल और डिंडोरी में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की भी संभावना है. जबकि, रीवा और मंडला समेत नौ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक इन इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी सकती है.
दिनभर रह सकता है बारिश का जोर
मौसम विभाग के मुताबिक सिंगरौली, शहडोल और डिंडोरी के अलावा पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश (Middle Madhya Pradrsh) के कई जिलों में भी बारिश का असर तेज हो सकता है. IMD ने सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, उमरिया, मंडला, बालाघाट, छतरपुर और टीकमगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है.
मौसम विभाग के मुताबिक गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है, जबकि कुछ जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
इन जिलों में भी बरसेंगे बादल
कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ में अनेक स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. वहीं विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सागर, निवाड़ी और पांढुर्णा में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
भोपाल-इंदौर में कैसा रहेगा मौसम?
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास और शाजापुर समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इनमें से कई जिलों में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी भी दी गई है.
पिछले 24 घंटे में रामनगर में 123.4 मिमी बारिश
प्रदेश के कई हिस्सों में पहले से बारिश हो रही है. IMD के दर्ज आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में रामनगर में 123.4 मिमी बारिश हुई. इसके अलावा जवा में 80 मिमी, जयसिंहनगर में 71 मिमी, देवेंद्रनगर में 70.3 मिमी और कुसमी में 61 मिमी बारिश दर्ज की गई.
क्यों बदल रहा मध्य प्रदेश का मौसम?
IMD के मुताबिक गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तरी तटीय ओडिशा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास एक वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया बना हुआ है. इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी सक्रिय है. एक ट्रफ उत्तर-मध्य उत्तर प्रदेश से इस सिस्टम तक फैली है, जबकि एक अन्य ट्रफ दक्षिण गुजरात से छत्तीसगढ़ होते हुए इस मौसमी सिस्टम तक जा रही है.
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