कोरोना वायरस से इंदौर में 62 वर्षीय डॉक्टर की मौत, अब तक 22 लोगों की मौत

62 year old doctor died in Indore due to coronavirus infection इंदौर : मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना वायरस संक्रमण की जद में आये 62 वर्षीय डॉक्टर की गुरुवार (9 अप्रैल, 2020) की सुबह मौत हो गयी. इसके साथ ही शहर में इस संक्रमण की चपेट में आने के बाद दम तोड़ने वाले मरीजों की तादाद बढ़कर 22 पर पहुंच गयी है. indore doctor tested coronavirus positive dies

इंदौर : मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना वायरस संक्रमण की जद में आये 62 वर्षीय डॉक्टर की गुरुवार (9 अप्रैल, 2020) की सुबह मौत हो गयी. इसके साथ ही शहर में इस संक्रमण की चपेट में आने के बाद दम तोड़ने वाले मरीजों की तादाद बढ़कर 22 पर पहुंच गयी है.

Also Read: Coronavirus Outbreak: मेडिकल टीम के बाद अब पुलिस वालों पर भोपाल में हुआ हमला, ‘कबूतर’ और ‘कचौड़ी’ पर होगी कार्रवाई

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रवीण जड़िया ने बताया कि 62 वर्षीय जनरल फिजिशियन ने एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान आखिरी सांस ली. वह जांच में कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये थे.

उन्होंने कहा, ‘हमें संदेह है कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद दम तोड़ने वाले डॉक्टर कोविड-19 के किसी मरीज के इलाज के दौरान उसके संपर्क में आये होंगे. हम पता लगा रहे हैं कि वह इस संक्रमण की चपेट में कैसे आये थे.’

Also Read: Coronavirus : मेडिकल स्टाफ पर हमले से शिवराज नाराज, कहा-आरोपियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आने से किसी डॉक्टर की मौत का संभवतः पहला मामला है. शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के बुधवार शाम जारी बुलेटिन में शहर में कोविड-19 के जिन 40 नये मरीजों की जानकारी दी गयी थी, उनमें 62 वर्षीय डॉक्टर भी शामिल थे.

बुलेटिन के मुताबिक, 62 वर्षीय मरीज में कोरोना वायरस के लक्षण थे. हालांकि, अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि वे कोविड-19 के किस मरीज के संपर्क में आये थे. इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जो कुछ दिन पहले बनाया गया था.

Also Read: COVID19 Pandemic : मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण फैलाने के आरोप में दिल्ली और राजस्थान के 23 लोग गिरफ्तार

कोरोना वायरस संक्रमण के बाद गुरुवार सुबह दम तोड़ने वाले 62 वर्षीय डॉक्टर इस वीडियो में दावा कर रहे थे कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं. वह अपने घर में अपने परिवार के साथ बैठे हैं. इंदौर में अब तक कोरोना वायरस के 213 मामले सामने आये हैं. कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में ही सामने आये हैं.

उल्लेखनीय है कि पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के देश भर में 540 नये मामले सामने आये हैं. इस दौरान 17 मौतें हुई हैं. भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या बढ़कर 5,734 हो गयी है.

Also Read: इंदौर में Covid19 के 22 नये मरीज मिले, श्योपुर में कर्फ्यू

इसमें 5095 सक्रिय मामले हैं, जबकि 473 लोग या तो ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है. कुल संख्या में 166 लोगों की मौत हो चुकी है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार (9 अप्रैल, 2020) की सुबह यह जानकारी दी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >