West Singhbhum Road Accident, नोवामुंडी (सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट): पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत महुदी मुंडा साई गांव के पास मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ. दो तेज रफ्तार बाइकों के बीच हुई जोरदार टक्कर में 24 वर्षीय युवक अजय सुरेन की दर्दनाक मौत हो गई. इस दुर्घटना में तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी पहचान आनंद लागूरी (40), मनीष बालमुचु (24) और जगन्नाथ बालमुचु (16) के रूप में हुई है. घायलों में एक नाबालिग भी शामिल है.
घर की दहलीज पर पहुंचने से पहले हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महुदी मुंडा साई निवासी अजय सुरेन अपने साथियों के साथ नोवामुंडी बाजार से सब्जी खरीदकर घर लौट रहा था. नियति का क्रूर खेल देखिए कि जब वह अपने घर से महज 10 कदम की दूरी पर था, तभी सामने से आ रही एक अन्य बाइक से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्घटना के समय किसी भी युवक ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोटें आईं. सड़क का तीखा मोड़ भी इस हादसे का एक मुख्य कारण माना जा रहा है.
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अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया. अजय सुरेन की हालत बेहद नाजुक थी, परिजनों ने उसे पानी पिलाकर होश में लाने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही एएसआई राजीव रंजन और विनोद सिंह अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना. चौंकाने वाली बात यह है कि दुर्घटनास्थल से एक बाइक रहस्यमय तरीके से गायब हो गई है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है.
स्टंटबाजी और मॉडिफाइड साइलेंसर से ग्रामीण आक्रोशित
इस घटना ने स्थानीय लोगों के गुस्से को भी हवा दे दी है. ग्रामीणों का आरोप है कि नोवामुंडी क्षेत्र की सड़कों पर नाबालिगों द्वारा तेज रफ्तार में बाइक चलाना और स्टंट करना आम बात हो गई है. कई युवक बाइकों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर तीव्र आवाजें निकालते हैं, जिससे राहगीर और बुजुर्ग डर जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की ढिलाई के कारण इन मनचलों के हौसले बुलंद हैं और इसी का नतीजा अजय जैसे युवाओं की मौत के रूप में सामने आ रहा है.
उजड़ गया परिवार, बेटियों के भविष्य पर संकट
अजय सुरेन अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था. उसकी असामयिक मौत ने उसकी पत्नी शांति सुरेन को गहरे सदमे में डाल दिया है. अजय अपने पीछे दो मासूम बेटियों, 6 वर्षीय निवृता और 2 वर्षीय निब्रिती को छोड़ गया है. पिता के साये के बिना इन मासूमों का भविष्य अब अंधकारमय नजर आ रहा है. इस हादसे ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सड़क पर बरती गई थोड़ी सी भी लापरवाही पूरे परिवार के लिए उम्र भर का दर्द बन सकती है.
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