चक्रधरपुर : रनिंग स्टाफ को डांगुवापोसी में रहने की व्यवस्था नहीं, निदान करें

डांगुवापोसी के रनिंग स्टाफ ने अपनी ज्वलंत समस्याओं से मेंस कांग्रेस को कराया अवगत

प्रतिनिधि,चक्रधरपुर

डांगुवापोसी में कार्यरत सहायक लोको पायलट, लोको पायलट व ट्रेन मैनेजरों को रेलवे र्क्वाटर उपलब्ध नहीं है, जिसके बावजूद वर्षों से आवास भत्ता का भुगतान नहीं हो रहा है. वहीं, 100 से अधिक लोको पायलटों का स्थानांतरण डांगुवापोसी में किया गया. लेकिन उनके रहने की कोई व्यवस्था रेलवे ने नहीं की गयी है. रनिंग स्टाफ ने डांगुवापोसी लॉबी में डांगुवापोसी आये दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के मंडल संयोजक शशि मिश्रा के साथ मैराथन बैठक की और इन समस्याओं से अवगत कराया. जिस पर उन्होंने कहा अगली वार्ता में सभी मुद्दों को रखेंगे और निदान कर प्रयास करेंगे.

बैठक में नये सहायक लोको पायलटों ने मेंस कांग्रेस को बताया कि एक वर्ष से अधिक उनकी रेलवे में सेवा होने के बावजूद उनकी न्यू पेंशन स्कीम के तहत जो अंशदान उनके वेतन से काटना था, वह अभी तक चालू नहीं हो पाया है. ब्रांच लाइन में कार्यरत रनिंग कर्मचारियों का जो स्थानांतरण नीति रेल मंडल में बनायी गयी थी, उसके तहत ब्रांच लाइन से 4 साल के अंदर उन्हें मेन लाइन में तबादला करने की व्यवस्था करनी थी, जो अब तक शुरू नहीं हो सकी है. डांगुवापोसी में 10 से 12 साल से लोको पायलट अपने मनपसंद स्टेशनों की मांग करने के बाद भी पड़े हुए हैं. बैठक में मेंस कांग्रेस के केंद्रीय पदाधिकारी आरके मिश्रा ,रनिंग शाखा के अध्यक्ष एनएन सिंह, सचिव मनोज साह, धर्मेंद्र प्रसाद, डांगुवापोसी के शाखा सचिव सुभाष मजूमदार, जेपी दास आदि उपस्थित थे.

डांगुवापोसी के रनिंग स्टाफ की समस्या

टीए व ओटी 19 माह से नहीं मिलने, रनिंग कर्मचारियों को मिनिमम ग्रांटेड किलोमीटर(120) का भुगतान नहीं होने, जुरुली रनिंग रूम में बेड के अभाव में घंटों ट्रेन मैनेजरों को इंतज़ार करना, बड़ाजामदा में क्रू रेस्ट रूम का स्थापना करने, डांगुवापोसी, जुरुली लॉबी का एसी महीनों से ख़राब होना आदि.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >