पश्चिमी सिंहभूम में सब्जी विक्रेता की बेटी ने रचा इतिहास: नोवामुंडी की अंजलि पोद्दार ने मैट्रिक में हासिल किए 93.40% अंक

JAC 10th Board 2026: पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी से एक शानदार सफलता की कहानी सामने आई है. सब्जी बेचने वाले पिता की होनहार बेटी अंजलि पोद्दार ने पद्मवती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में 93.40% अंकों के साथ सेकंड टॉपर का स्थान हासिल किया है. 12-13 घंटे की कड़ी मेहनत और बिना किसी ट्यूशन के अंजलि ने साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती.

JAC 10th Board 2026, पश्चिमी सिंहभूम (सुबोध मिश्रा): अभावों में पले-बढ़े बच्चे अक्सर अपनी परिस्थितियों को अपनी नियति मान लेते हैं, लेकिन पश्चिमी सिंहभूम स्थित नोवामुंडी की अंजलि पोद्दार ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है. पिता राकेश पोद्दार, जो कड़ी से सब्जी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, आज उनकी बेटी अंजलि ने मैट्रिक परीक्षा में 93.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे क्षेत्र में अपने परिवार और विद्यालय का नाम रोशन कर दिया है.

स्वाध्याय बना सफलता का मूल मंत्र

अंजलि की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उसने बिना किसी कोचिंग या ट्यूशन के इसे हासिल किया है. अंजलि बताती हैं कि उन्होंने प्रतिदिन 12 से 13 घंटे तक सेल्फ-स्टडी की. संसाधनों की कमी को उन्होंने कभी बाधा नहीं माना, बल्कि उसे अपनी मेहनत से पूरा किया. यह उपलब्धि उन तमाम छात्रों के लिए एक मिसाल है जो ट्यूशन और महंगे संसाधनों के अभाव में खुद को कमजोर महसूस करते हैं.

Also Read: पलामू के चक की बेटी प्रीति ने रच दिया इतिहास, जैक 10वीं बोर्ड में झारखंड में आठवां स्थान

शिक्षकों और परिजनों का मिला संबल

अपनी इस कामयाबी के पीछे अंजलि अपने परिवार के धैर्य और शिक्षकों के मार्गदर्शन को बड़ा आधार मानती हैं. उन्होंने अपनी गुरु मां सीमा पालीत और विद्यालय के सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बिना यह लक्ष्य हासिल करना मुश्किल था. अंजलि के माता-पिता ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद उसका मनोबल कभी गिरने नहीं दिया, जो उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण बना.

आईएएस बनकर देश सेवा का है लक्ष्य

मैट्रिक की यह सफलता तो बस एक शुरुआत है. अंजलि का लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना है. वह आईएएस अधिकारी बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहती हैं. अपने जूनियर विद्यार्थियों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत और अनुशासन ही एकमात्र रास्ता है.”

क्षेत्र में उत्सव का माहौल

अंजलि की इस सफलता से नोवामुंडी में खुशी का माहौल है. स्थानीय बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों ने अंजलि के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. अंजलि की कहानी यह संदेश देती है कि अगर इरादे बुलंद हों, तो कोई भी ऊंचाई मुश्किल नहीं है.

Also Read: पलामू के चक की बेटी प्रीति ने रच दिया इतिहास, जैक 10वीं बोर्ड में झारखंड में आठवां स्थान

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >