प्रभात खबर की खबर का असर, जर्जर सड़क और जलजमाव पर प्रशासन सक्रिय

Noamundi News: नोवामुंडी बाजार से महूदी और रेलवे स्टेशन जाने वाली जर्जर सड़क व जलजमाव की समस्या पर प्रशासन सक्रिय हो गया है. प्रभात खबर में लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद नालियों की सफाई शुरू कर दी गई. ग्रामीणों को अब सड़क मरम्मत कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Noamundi News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी बाजार से बोकारो साइडिंग स्थित बटम बीन प्लांट होते हुए महूदी और रेलवे स्टेशन नोवामुंडी जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति आखिरकार प्रशासनिक कार्रवाई का कारण बन गयी. वर्षों से गड्ढों, जलजमाव और खराब सड़क की समस्या से जूझ रहे लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है. प्रशासन की सक्रियता के बाद सड़क किनारे जाम नालियों की सफाई का काम शुरू कर दिया गया है.

वर्षों से बदहाल थी सड़क

यह सड़क लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं में शामिल रही है. सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, जलजमाव और टूटी हुई सतह के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती थी. सड़क पर पानी जमा रहने से आवागमन प्रभावित होता था और दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी. ग्रामीणों का कहना था कि इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग बाजार, अस्पताल, थाना, रेलवे स्टेशन, प्रखंड कार्यालय और अंचल कार्यालय तक पहुंचते हैं. इसके बावजूद सड़क की स्थिति लगातार खराब बनी हुई थी.

प्रभात खबर ने प्रमुखता से उठाया मुद्दा

क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को लेकर प्रभात खबर ने लगातार प्रमुखता से खबरें प्रकाशित कीं. अखबार में सड़क की बदहाली, जलजमाव और जाम पड़ी नालियों की स्थिति को बार-बार सामने लाया गया. खबरों के प्रकाशन के बाद ग्रामीणों की आवाज और मजबूत हुई तथा प्रशासन और टाटा स्टील प्रबंधन का ध्यान इस ओर गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि मीडिया की पहल के कारण ही प्रशासन इस मामले में सक्रिय हुआ है. ग्रामीणों ने प्रभात खबर की पहल की सराहना करते हुए कहा कि लगातार खबरें प्रकाशित होने से समस्या को गंभीरता से लिया गया.

ग्रामीणों ने एसडीओ को सौंपा आवेदन

महूदी गांव के मुंडा अजय लागूरी और मुखिया लक्ष्मी देवी ने 6 मई को जगन्नाथपुर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को आवेदन सौंपकर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की. आवेदन की प्रतिलिपि नोवामुंडी के बीडीओ, सीओ और टाटा स्टील प्रबंधन को भी भेजी गयी. आवेदन में बताया गया कि यह सड़क दर्जनों गांवों के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है. इसी रास्ते से ग्रामीणों के अलावा टाटा स्टील के कर्मचारी, मजदूर, छात्र-छात्राएं और अधिकारी भी आवाजाही करते हैं.

प्रशासन की पहल पर शुरू हुई नालियों की सफाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ ने त्वरित कार्रवाई की. उन्होंने टाटा स्टील के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. प्रशासनिक सक्रियता के बाद शुक्रवार से स्टेशन रोड जाने वाले मार्ग में जाम नालियों की सफाई शुरू कर दी गयी. नालियों की सफाई शुरू होने से सड़क पर जलजमाव की समस्या धीरे-धीरे कम होने लगी है. स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जतायी है कि जल्द ही सड़क की मरम्मत का कार्य भी शुरू किया जाएगा.

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ग्रामीणों को सड़क मरम्मत का इंतजार

ग्रामीणों का कहना है कि नालियों की सफाई शुरू होना सकारात्मक पहल है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए सड़क की मरम्मत जरूरी है. लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन और टाटा स्टील प्रबंधन मिलकर जल्द ही सड़क निर्माण और मरम्मत का काम शुरू करेंगे. यदि सड़क की स्थिति सुधरती है तो क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी. साथ ही बाजार, रेलवे स्टेशन और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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