सदर बीआरसी में कार्यशाला का आयोजन
चाईबासा : झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले चार मार्च को सदर बीआरसी में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उदघाटन क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी सुनील कुमार मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यशाला में 35 आमंत्रित प्रतिभागी शिक्षक-शिक्षिकाओं समेत 52 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया. आरइओ मिश्रा ने लीडरशिप विषय पर कहा कि लीडरशिप क्षमता के लिए नेतृत्वशैली, संवाद, मतभेद प्रबंधन, स्वप्रेरणा, आत्मसम्मान, समय प्रबंधन, समूह निर्माण एवं प्रक्रिया आदि पर गहन कार्य की जरूरत है.
उन्होंने इससे संबंधित प्रसिद्ध लेखकों की पुस्तकें पढ़ने का सुझाव दिया. मौके पर संघ के प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष श्रवण कुमार मिश्रा ने संघ के प्रति शिक्षकों का विश्वास पैदा करने के लिए शोध, मूल्यांकन, संपर्क, तर्क, समझ, आमंत्रण और प्रवेश आदि बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी. मिश्रा ने कहा कि स्थायी लीडरशिप के लिए शिक्षकों की समस्याओं पर हमेशा कार्यक्रम कर गतिविधि करते रहने की आवश्यकता है. ताकि शिक्षकों के साथ सम्पर्क बना रहे.
नि:स्वार्थ कार्य करते रहने से स्वत: आते हैं लीडरशिप के गुण: अनिल कुमार देहुरी कहा जीवन के हर क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से कार्य करते रहने से लीडरशिप के गुण स्वत: आते हैं. लिहाजा हमें हर वक्त सक्रिय रहने की आदत बनानी है. कार्यशाला में उपेंद्र प्रसाद, अशोक राम, रानी पूनम, डॉ मंगलेश पाठक, वेदप्रकाश गुप्ता, कृष्णा देवगम, रामेश्वर सावैयां, साधु चरण सावैयां, डॉ संजीव कुमार, सामु चरण देवगम, एस्थर गुड़िया, शांति प्रिया बालमुचु, आशा कंडुलना, शंकर महतो, दिलीप मंडल, कृष्णा कच्छप, दामु सुंडी, गीता प्रधान, अनिल सिंह, सोनामुनी देवगम, दुलारी टुडू, नेलेन पुरती, सरिता तोपनो, शोभा लकड़ा, अंजना मुंडू, सेतेंग बुढ़, चंद्रमनि चतोम्बा, मुक्तिराना सावैयां आदि उपस्थित थीं.
