डायट चैनपुर में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पर कार्यशाला
चक्रधरपुर : ज्ञान सिर्फ वो नहीं जो शब्दों में कैद हो. ज्ञान को उसकी खुली प्रकृति के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए. उक्त बातें गुरुवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चैनपुर में आयोजित गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए आरडीडीइ अरविंद विजय बिलुंग ने कही. उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को समान शिक्षा मिलनी चाहिए. शिक्षा में गुणवत्ता, अनुशासन, स्वच्छता, अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए.
इन सभी चीजों के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण जरूरी है. उन्होंने कहा कि शिक्षा के संबंध में बुनियादी विचारों की जानकारी शिक्षकों को उसकी अकादमिक परिस्थितियों से जूझने में मदद पहुंचाती है. यह समझ शिक्षक को नयी चुनौतियों का सामना करने के लिए तो तैयार करती ही है, साथ ही उसे ‘विकल्प’ तलाशने के लिए भी प्रेरित करती है. श्री बिलुंग ने कहा कि आधुनिक युग में कंप्यूटर का महत्व अधिक है. इसलिए पढ़ाई भी कंप्यूटर के माध्यम से होनी चाहिए. कार्यशाला में महिला कॉलेज जमशेदपुर के प्रो संजय भुइयां ने गुणवत्ता प्रशिक्षण, डॉ मनोज कुमार ने शिक्षा के अधिकार एवं को-ऑपरेटिव कॉलेज जमशेदपुर के डॉ विशेश्वर यादव ने माइक्रो टीचिंग के बारे में विस्तृत जानकारी दी. इसके पूर्व कार्यशाला का शुभारंभ आरडीडीइ श्री बिलुंग ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा पारंपरिक नृत्य कर अतिथियों का स्वागत किया. अंत में कॉलेज के विद्यार्थी आर श्रीकांत राव ने ‘हम होंगे कामयाब एक दिन’ गीत प्रस्तुत कर उपस्थित विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया. मंच संचालन रमेंद्र किशोर मिश्र ने किया. कार्यशाला को सफल बनाने में कॉलेज के प्राचार्य एसके मिश्र, व्याख्याता डॉ मनोरंजन कुमार, अमूल्य चंद्र प्रधान, दीपक महतो, संतोष महतो, निरुण प्रधान, कृष्णचंद्र महतो, आर श्रीकांत राव, आशीष प्रधान, गौरी शंकर मंडल, एंथॉनी पुरती, दीपक महतो, रवींद्र शुक्ला, बबलू महतो, कृष्णा महतो, विकास यादव, आदित्य सिंहदेव, मृत्युंजय कुमार, विकास बोस आदि का योगदान रहा.
इस अवसर पर राज्य साधनसेवी कैलाश चंद्र महतो, बुधराम महतो, तहसीन रजा, अनिल कुमार, राजेंद्र प्रसाद नेवार, तरुण कुमार सिंह, रानी पूनम, खोकन मिस्त्री समेत काफी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे.
