कोल्हान प्रमंडल की एकमात्र मिट्टी जांच प्रयोगशाला में कर्मियों का टोटा
चक्रधरपुर : चक्रधरपुर में कोल्हान प्रमंडल का एक मात्र सरकारी मिट्टी जांच प्रयोगशाला में पर्याप्त कर्मचारियों का अभाव है. फसल लगाने के पूर्व इच्छुक किसान अपनी खेत की मिट्टी का नमूना लेकर इस प्रयोगशामा में आते हैं और जांच के बाद मिट्टी की गुणवत्ता के अनुरूप फसल लगाते हैं, लेकिन कर्मियों की कमी के कारण […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
चक्रधरपुर : चक्रधरपुर में कोल्हान प्रमंडल का एक मात्र सरकारी मिट्टी जांच प्रयोगशाला में पर्याप्त कर्मचारियों का अभाव है. फसल लगाने के पूर्व इच्छुक किसान अपनी खेत की मिट्टी का नमूना लेकर इस प्रयोगशामा में आते हैं और जांच के बाद मिट्टी की गुणवत्ता के अनुरूप फसल लगाते हैं, लेकिन कर्मियों की कमी के कारण नमूमों की जांच कर रिपोर्ट देने में अन्यास ही विलंब होता है. इस कारण किसान भी यहां मिट्टी की जांच कराने से कतराते हैं. मिट्टी जांच प्रयोगशाला में कुल आठ पद स्वीकृत हैं.
इसमें सहायक मिट्टी रसायनज्ञ एक, सहायक अनुसंधानक तीन, प्रयोगशाला सहायक दो, लिपिक एक, आदेशपाल का एक पद है, लेकिन मात्र दो सहायक अनुसंधानक मनोहर बिरुवा व राजेंद्रनाथ माझी द्वारा मिट्टी जांच का काम किया जा रहा है. अनुमंडल कृषि पदाधिकारी जुलियन माडेन एक्का को मिट्टी जांच प्रयोगशाला में सहायक मिट्टी रसायनज्ञ पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
यहां कार्यरत आदेशपाल सुखराम सरदार भी 31 जनवरी 2017 को सेवानिवृत हो गये.
12 पैरामीटर की होती है मिट्टी जांच
मिट्टी जांच प्रयोगशाला में सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम जिला के तमाम किसानों के मिट्टी की जांच की जाती है. मिट्टी जांच में एक सप्ताह में 20 नमूनों व 12 पैरामीटर की जांच की जाती है. जिसमें अम्लयी एवं क्षरिया, इलेक्ट्रिक कॉन्टेक्टवीटी, ऑर्गेनिक, कार्बन, बोरिंग, मैग्नीशियम, पोटेशियम, जींक, आयरन, सल्फर, कॉपर, नाइट्रोजन आदि की जांच की जाती है.
जनसेवक व एजेंसी देती हैं सहयोग : मिट्टी जांच प्रयोगशाला में मिट्टी जांच में तीन जनसेवक व एजेंसी के दो कर्मचारी सहयोग देते हैं. इसमें सोनुवा के जनसेवक देवरंजन कुमार, बंदगांव के भूषण बानरा व गोइलकेरा के मार्टिन तिर्की व एजेंसी से हिमांशु महतो, प्रकाश महतो शामिल हैं. इनके सहयोग से ही जांच का काम हो पा रहा है.
नवंबर-16 में शुरू हुई मिट्टी की जांच
मिट्टी जांच प्रयोगशाला में नवंबर 2016 से मिट्टी जांच का कार्य आरंभ हुआ. इसमें अब तक खुंटपानी प्रखंड के 241, बंदगांव के 40, चक्रधरपुर के 259, मनोहरपुर के 210, अनंदपुर के आठ, सोनुवा के 123, चाईबासा के 160, गुदड़ी के 123, गोइलकेरा के 150 किसानों की मिट्टी जांच 28 फरवरी-17 तक की गयी है.
मिट्टी जांच में आयी है तेजी : लैब प्रभारी
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सह मिट्टी जांच प्रयोगशाला के प्रभारी सहायक मिट्टी रसायनज्ञ जुलियन माडेन एक्का ने कहा कि लैब का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद से चार माह में तेजी से मिट्टी जांच का काम किया जा रहा है उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सरकार को अवगत कराया गया है. प्रयोगशाला में मिट्टी जांच के लिए तमाम लैब के लिए सामग्रियां उपलब्ध हैं.