हाथियों ने पांच एकड़ में फैली गेहूं की फसलों को रौंदा

चक्रधरपुर : पिछले दो माह से चक्रधरपुर में जंगली हाथियों के झुंड का तांडव जारी है. रोजाना हाथियों की झुंड जंगल से सटे गांवों में पहुंच रहे हैं. गांव की खेतों में घुसकर किसानों की मेहनत से उपजाई गयी फसलों को खाने के साथ रौंदकर नष्ट कर रहे हैं. हाथियों की झुंड ने सोमवार की […]

चक्रधरपुर : पिछले दो माह से चक्रधरपुर में जंगली हाथियों के झुंड का तांडव जारी है. रोजाना हाथियों की झुंड जंगल से सटे गांवों में पहुंच रहे हैं. गांव की खेतों में घुसकर किसानों की मेहनत से उपजाई गयी फसलों को खाने के साथ रौंदकर नष्ट कर रहे हैं. हाथियों की झुंड ने सोमवार की रात बाससाई गांव में चक्रधरपुर पंप रोड निवासी लालू महतो और मनोरंजन महतो द्वारा लगाये गये गेंहू की फसल को नष्ट कर दिया. सुबह जब दोनों अपने खेत पहुंचे तो अपनी खेतों की हालत देख दु:खी हो गए.

दरअसल बीती रात आये हाथियों के झुंड ने इनके तीन एकड़ में लगायी गयी फसल को नष्ट कर दिया. खेत में लगे गेहूं की फसल को हाथी चट कर गए. जो बचे भी थे उसे रौंदकर नष्ट कर दिया. इससे सिर्फ एक अकेले लालू महतो को करीब 60 हजार रुपये का नुकसान हुआ है. इसी तरह मनोरंजन महतो के दो एकड़ की जमीन पर लगाये गये गेंहूं की फसलों को भी हाथियों ने खाकर समाप्त कर दिया है.

प्रशासन व वन विभाग मौन :गांव में लोग हाथियों के आतंक से परेशान और भयभीत हैं. लेकिन प्रशासन और वन विभाग इनकी सुध नहीं ले रहा है. गांव वालों की मानें तो हाथियों के झुंड ने चक्रधरपुर के पास के जंगलों में ही बसेरा बना लिया है और रात होते ही गांव के लहलहाते खेत और सब्जियों के बगान को निशाना बनाते हैं.
चक्रधरपुर में नहीं कम हो रहा है जंगली हाथियों का उत्पात, रतजगा कर रहे किसान
नुकसान की भरपाई के लिए गांव में लगेगा कैंप
जिला वन संरक्षक पदाधिकारी वीएन शाह ने कहा कि ग्रामीणों को हो रही नुकसान की भरपाई के लिए शीघ्र ही प्राभावित गांव में एक कैंप लगाया जायेगा. किसानों को हुए नुकसान की जानकारी ली जाएगी और उसे आगे प्रेषित किया जाएगा. उन्होंने इस संबंध में संबंधित डीएफओ को दिशा निर्देश भी जारी किया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >