32 करोड़ की शहरी जलापूर्ति योजना की सुस्ती पर संयुक्त सचिव ने जताया असंतोष
नप बोर्ड की बैठक
चाईबासा : 32 करोड़ की शहरी जलापूर्ति योजना में नगर पर्षद (नप) की ओर से अब तक पीएचइडी को 22 करोड़ रुपये दिये जा चुके हैं, लेकिन तीन साल बाद भी इस योजना में कोई प्रगति नहीं हुई है. इस पर नगर विकास एवं आवास विभाग के संयुक्त सचिव सह नोडल पदाधिकारी एके रतन ने असंतोष जताया है. उन्होंने कहा कि इस योजना को 26 अप्रैल 2016 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य दिया गया था, बावजूद इसमें कोताही बरती जा रही है.
एके रतन बुधवार को नगर पर्षद कार्यालय में आयोजित बोर्ड सदस्यों की समीक्षात्मक बैठक में बोल रहे थे. उन्होंने इस योजना को जल्द से जल्द पूरा कराने का आदेश दिया. साथ ही क्षेत्र में शहरी जलापूर्ति को लेकर चल रहे काम का निरीक्षण भी किया. बैठक में बोर्ड के सदस्यों को अगली बैठक से पूर्व उपसमिति गठित करने का निर्देश दिया.
साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से संपत्ति कर निर्धारण एक सप्ताह के अंदर कर लेने का आश्वासन दिया गया. मौके पर नप की विभिन्न योजनाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा की गयी. बैठक में कार्यपालक कमल किशोर सिंह व नप के सभी कर्मचारी एवं वार्ड पर्षद मौजूद थे.
नप अध्यक्ष ने कार्यपालक पदािधकारी पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
लूट व भ्रष्टाचार का पर्याय बनी नप : नीला नाग- डीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक को बताया अवैध
चाईबासा. नगर पर्षद लूट व भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया है. करीब एक करोड़ की लागत से शहर में चल रहे सड़क निर्माण कार्य का स्तर काफी घटिया है. उक्त शिकायत चाईबासा नगर पर्षद की अध्यक्ष नीला नाग ने नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेज कर की है. साथ ही सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
शहर का प्लान तैयार करने को लेकर मंगलवार को डीसी ऑफिस में डीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक को भी नीलानाग ने अवैध बताया है. नप अध्यक्ष ने कहा कि बैठक उनकी उपस्थिति और अध्यक्षता में होनी चाहिए, जो नहीं हुई. बस स्टैंड का मामला झारखंड और बिहार सरकार के स्तर पर लंबित है.
उस पर अभी सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है. साथ ही उनके द्वारा एक हजार लोगों की क्षमता वाले बहुउद्देश्यीय टाउन हॉल का निर्माण करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है. इस कारण इन दोनों योजनाओं में सरकार की स्वीकृति के बाद ही इस पर कोई प्लान तैयार किया जा सकता है. ऐसा न करके नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है.
फर्जी हस्ताक्षर से निकाली राशि
नप अध्यक्ष ने कहा कि उनके फर्जी हस्ताक्षर से राशि की निकासी की गयी है. संवेदक को भुगतान करने के लिए भुगतान संचिका में उनका फर्जी हस्ताक्षर कर संवेदक को भुगतान किया गया. इसकी शिकायत करने के बाद भी कार्यपालक पदाधिकारी कमल किशोर सिंह ने कोई कार्रवाई नहीं की. नप अध्यक्ष ने कहा कि कार्यपालक अपनी मनमानी से नप को चला रहे हैं. उनके अधिकारों का बार-बार हनन किया जा रहा है.
