बलराम हत्याकांड. सबूत जुटाने में लगी पुलिस
चक्रधरपुर : रेल ठेकेदार बलराम सिंह के हत्यारों का पता लगाने के लिए पुलिस ने पुख्ता सबूत जुटाने की कवायद तेज कर दी है. बलराम सिंह की हत्या किसने की और क्यों हुई इस बात को लेकर पुलिस व्यापक मंथन कर रही है. बेगूसराय से लेकर जमशेदरपुर, सीनी, चक्रधरपुर समेत अन्य क्षेत्र में जहां-जहां बलराम सिंह का अपराधिक व व्यावसायिक पैठ थी. इन स्थानों में बलराम सिंह का किस व्यक्ति से कैसा रिश्ता था,
किस-किस से दुश्मनी थी, इन सभी बिंदुओं पर पुलिस मास्टर प्लान तैयार कर हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. हत्या के बाद पुलिस को सुराग के तौर पर हत्या में प्रयुक्त दो बाइक का नंबर मिला था. जांच के पश्चात दोनों बाइक का नंबर गलत निकला. जो नंबर मिला एक चार पहिया वाहन व दूसरा स्कूटी का था.
हत्या की गुत्थी शीघ्र सुझलाने के लिये पुलिस कई लोगों से पूछताछ कर रही है. अापराधिक चरित्र के लोगों की सूची तैयार की गयी है. बलराम सिंह बेगुसराय में कुख्यात अपराधी था. इसके खिलाफ कई थाना में अपराधिक मामला दर्ज है. ठेकेदारी को लेकर हत्या हुई या फिर पूर्व की अपराधी छवि को लेकर यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है.
हालांकि हत्या के पीछे रेल ठेकेदार जमशेदपुर के मनोज सरकार का नाम उछल कर सामने आया है. पुलिस फरारी काट रहे मनोज सरकार से रिश्ता रखने वाले लोगों की तलाश कर रही है. अपराधी चक्रधरपुर के सबसे भीड़-भाड़ वाले स्थान में दिन दहाड़े बलराम सिंह की हत्या कर खुलेआम चल दिये. चक्रधरपुर में अपराधियों को किसने शरण दी. अपराधी चक्रधरपुर में कहां रह रहे थे, किसका सहयोग मिल रहा था. हत्या के पीछे अपराधियों की क्या मंशा थी इन सब बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है. प्रशिक्षु आइपीएस पीयूष पांडेय हत्यारा तक पहुंचने के लिये एड़ी चोटी का जोर लगाया है. छोटे-छोटे सबूत को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है.
