जिला परिषद सभागार. जन प्रतिनििधयों की बैठक में बोले उपायुक्त व एसपी

ग्रामसभा में हत्या के फैसले रोकें मुखिया जानकारी के बावजूद मुखिया व वार्ड सदस्य पुलिस को सूचना नहीं देते हैं तो, कार्रवाई होगी. चाईबासा : ग्रामीण क्षेत्र में डायन की संदेह में हत्या को मुखिया बंद करा सकते हैं. किसी महिला या पुरुष की हत्या डायन के संदेह में होती है या आशंका है, तो […]

ग्रामसभा में हत्या के फैसले रोकें मुखिया

जानकारी के बावजूद मुखिया व वार्ड सदस्य पुलिस को सूचना नहीं देते हैं तो, कार्रवाई होगी.
चाईबासा : ग्रामीण क्षेत्र में डायन की संदेह में हत्या को मुखिया बंद करा सकते हैं. किसी महिला या पुरुष की हत्या डायन के संदेह में होती है या आशंका है, तो मुखिया या वार्ड सदस्य तुरंत पुलिस को सूचना दें. ग्रामसभा में किसी की हत्या या अमानवीय व्यवहार करने के फैसले पर रोक लगायें. इस तरह के फैसले की जानकारी दें.
जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जायेगा. उक्त बातें पश्चिमी सिंहभूम के एसपी डॉ माइकल राज एस ने मंगलवार को जिला परिषद सभागार में जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहीं. मनरेगा कार्य में मुखिया व जनप्रतिनिधियों की भागीदारी पर आयोजित कार्यक्रम में एसपी ने मनरेगा से जुड़े भ्रष्टाचार में होने वाली पुलिसिया कार्रवाई की जानकारी मुखिया,
अफसरों, पंचायत व रोजगार सेवकों को दी. एसपी ने सभी मुखिया को अपना मोबाइल नंबर 9431706451 दिया. मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष लालमुनी पुरती, डीडीसी अनिल कुमार राय, प्रशिक्षु आइएएस नैंसी सहाय, डीआरडीए निदेशक, सदर एसडीओ, डीपीआरओ, विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ व मुखिया आदि उपस्थित थे.
डायन व सामूहिक हत्या पर रोक लगाने की अपील, योजना मद में कम खर्च करने पर कार्रवाई का आदेश
अपराधी की गिरफ्तारी में इजाजत जरूरी नहीं
एसपी ने कहा कि पुलिस को अपराधी की गिरफ्तारी व अपराध अनुसंधान के लिए किसी मानकी-मुंडा या मुखिया से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है. यह बात जनप्रतिनिधि और मानकी-मुंडा ध्यान से समझ लें. जरूरत पड़ने पर पुलिस जनप्रतिनिधि और मानकी मुंडा से सहयोग व सुझाव लेगी. एसपी ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण अगर पुलिस की कार्रवाई में बाधा बनेंगे, तो उन पर पुलिस कार्रवाई करेगी.
नया चापाकल लगाने का प्रस्ताव भेजें मुखिया : डीसी
डीसी अबुबक्कर सिद्दीख पी ने मनरेगा में खराब परफॉर्मेंस पर जमकर क्लास ली. बारी-बारी से सभी पंचायतों की रिपोर्ट कार्ड की डीसी ने समीक्षा की. कम खर्च करने वाले पंचायत सेवकों पर प्रपत्र क गठित करने का आदेश दिया. डीसी ने कहा कि हर साल मार्च में मनरेगा कर्मचारियों ने हड़ताल करने का नियम बना लिया है. सभी को पदमुक्त किया जायेगा. जहां चापाकल नहीं है, वहां नये चापाकल का प्रस्ताव डीसी ने मुखिया से मांगा.
सभी बच्चों को स्कूल में नामांकन कराने की जनप्रतिनिधियों से अपील की. डीसी ने कहा कि मनरेगा में अपनी भूमिका मु्खिया समझें. योजना की स्वीकृति किसी सरकारी कर्मचारी से कराने की अब जरूरत नहीं है.
भ्रष्टाचारी सरकारी सेवक व मुखिया जायेंगे जेल
मनरेगा में भ्रष्टाचारी नहीं बख्शे जायेंगे
एसपी ने कहा कि मनरेगा में भ्रष्टाचार के आरोप में जिन पर एफआइआर दर्ज होगा, उस पर पुलिस शीघ्र एक्शन लेगी. चाहे मृत व्यक्ति के नाम पर मजदूरी भुगतान हो या फिर बिना काम कराये पैसा निकासी की. भ्रष्टाचार करने वाले मुखिया, सरकारी सेवक को पुलिस जेल भेजने में जरा भी देर नहीं करेगी.

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