पत्र में लिखे एक भी आरोपी गांव में नहीं मिले
दहशत में हैं गूंगा के दादा, दादी व बहन
चाईबासा : गूंगा उर्फ कोंदा लोहार हत्याकांड की जांच करने बुधवार को मुफस्सिल पुलिस खुंटपानी प्रखंड की लोहरदा पंचायत के बैंका गांव पहुंची. पुलिस को जानकारी मिली कि 21 मार्च को ग्रामसभा में अंतिम बार में गूंगा को देखा गया था. उसी दिन से गूंगा का पिता हिंदू उर्फ कोंदलो लोहार गांव छोड़ कर अपने ससुराल में रह रहा है.
गांव में रह रहे गूंगा के दादा दुर्गा लोहार, दादी व बहन घटना के बाद से दहशत में हैं. पुलिस ने इन लोगों से भी पूछताछ की है. उनका भी यही कहना है कि कोंदा लोहार गूंगा व बहरा था. 21 मार्च से लापता है. पुलिस ने पाया कि गूंगा के दादा दुर्गा चरण का हाथ टूटा हुआ है. उसने पुलिस को नहीं बताया कि उसका हाथ कैसे टूटा है.
गांव पहुंचने के बाद पुलिस ने गुप्त पत्र में गूंगा की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराये गये लोगों की तालाश की थी. सभी आरोपी गांव में नहीं मिले. पुलिस ने गूंगा के पिता को थाने बुलवाया है. उसके आने के बाद ही मामला स्पष्ट हो पायेगा. बैंका गांव दुर्गम क्षेत्र में होने के कारण इस तरह की घटनाएं अमूमन सामने नहीं आ पाती हैं.
