दो साल पहले बिछड़ी बच्ची को व्हाट्सएप ने मिलाया

बेटी मिलने की आस छोड़ चुके पिता की आंखें तसवीर देख छलकीं सोनुवा : दो साल पहले दलालों के झांसे में आकर दिल्ली गयी सोनुवा के लागियासाई गांव की नाबालिग बच्ची की तलाश में जमशेदपुर के चार युवक गांव पहुंचे. व्हाटसएप से पहुंची बच्ची की तसवीर से तलाश में मदद मिली. बेटी के मिलने की […]

बेटी मिलने की आस छोड़ चुके पिता की आंखें तसवीर देख छलकीं

सोनुवा : दो साल पहले दलालों के झांसे में आकर दिल्ली गयी सोनुवा के लागियासाई गांव की नाबालिग बच्ची की तलाश में जमशेदपुर के चार युवक गांव पहुंचे. व्हाटसएप से पहुंची बच्ची की तसवीर से तलाश में मदद मिली.
बेटी के मिलने की आस छोड़ चुके पिता हरिसिंह मंडारी युवकों के हाथ में बेटी की तसवीर देख अपनी आंसू नहीं रोक सके. बच्ची के पिता ने बताया कि दो साल पहले मार्च या अप्रैल में बेटी घर से गयी थी. वह अपनी बेटी के मिलने की आस छोड़ चुके थे.
दिल्ली के मित्र ने जमशेदपुर में युवकों को दी जानकारी :बच्ची की तलाश में उसके गांव में पहुंचे जमशेदपुर निवासी संजय कुमार, राजू हेम्ब्रम,
श्रीकांत कुमार व सुमित नायक ने बताया कि कुछ दिन पहले दिल्ली निवासी उनके दोस्त मुकेश महानंद ने बच्ची के बारे में जानकारी दी. उक्त बच्ची का फोटो व अन्य विवरण वाट्सएप पर भेजा था. इसके बाद उन्होंने खोजबीन शुरू की.
नाबालिग नामसी दिल्ली वाले दोस्त के मकान मालिक के एक रिश्तेदार के यहां काम करती है. वह किसी दलाल के बहकावे में आकर दिल्ली पहुंची थी. सही जानकारी नहीं होने के कारण नामसी दिल्ली में फंसी थी. लड़की के बताये पता पर खोजबीन से नामसी के मां–पिता का पता लगाया गया. जल्द ही नामसी को दिल्ली से सोनुवा के लागियासाई गांव में परिजनों को सौपा दिया जायेगा.

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